संगरूर के कनोई गांव में 23 वर्षीय सनमदीप सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला
जागरूक पंजाब न्यूज नेटवर्क
संगरूर : जिला संगरूर के कनोई गांव में 23 वर्षीय सनमदीप सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीली वस्तु निगलने के बाद मौत का मामला अब राजनीतिक तकरार का विषय बन गया है। शिरोमणि अकाली दल के यूथ विंग के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मृतक के परिवार के लोग सिविल अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे और पुलिस ने महिलाओं सहित परिवार के सदस्यों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की तथा उन्हें हिरासत में लिया।
क्या है सनमदीप सिंह मामला?
सूत्रों के अनुसार, सनमदीप सिंह उर्फ सन्नी ने 25 सितंबर को कथित तौर पर जहरीली वस्तु निगली थी। हालत गंभीर होने पर उसे संगरूर सिविल अस्पताल लाया गया, जहां से आगे रेफर किया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार ने गांव के सरपंच और उनके साथियों पर उत्पीड़न और धमकाने के आरोप लगाए। दूसरी ओर, सरपंच ने इन आरोपों से इनकार करते हुए युवक की मौत के पीछे पारिवारिक विवाद का दावा किया। 29 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने सरपंच दीप सिंह, उसके भाई गुरिंदर सिंह उर्फ गोगा, पूर्व पंच हरबंस सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने तथा साझा मंशा से संबंधित BNS की धाराओं में मामला दर्ज किया।
एक अक्टूबर को परिवार का धरना पांचवें दिन भी जारी था और परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ FIR में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की धाराएं जोड़ने की मांग कर रहा था। साथ ही, कुछ ग्रामीणों ने परिवार के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान पुलिस ने आकर धरने पर बैठे पारिवारिक सदस्यों और अन्य समर्थकों को उठाना शुरू कर दिया। पुलिस ने महिलाओं को बाजूओं और पैरों से पकड़कर उठाया। यह भी नहीं देखा गया कि महिलाएं बुजुर्ग हैं।






