19 सितंबर को चौगिट्टी फ्लाईओवर, जालंधर बाईपास में होगा आयोजन
जालंधर (मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब): श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के मीरी-पीरी सिद्धांत को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन 19 सितंबर को जालंधर में किया जाएगा। कार्यक्रम के निमंत्रण के अनुसार ‘मीरी-पीरी खालसा मार्च’ का आयोजन दोपहर 3 बजे चौगिट्टी फ्लाईओवर, जालंधर बाईपास में होगा। इसमें संगत को परिवार सहित कार्यक्रम में पहुंचने का निमंत्रण दिया गया है। कार्यक्रम में आयोजक शिरोमणि अकाली दल जालंधर शहरी के अध्यक्ष और जालंधर सेंट्रल हलका इंचार्ज इकबाल सिंह ढींडसा हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य मीरी-पीरी की सोच, पीरी के आध्यात्मिक सिद्धांत और खालसा की चढ़दी कला से जुड़े विचारों को संगत तक पहुंचाना है।
इस संबंध में ढींडसा ने कहा कि मीरी-पीरी का सिद्धांत श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी से जुडा है। गुरु साहिब ने श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना की और मीरी-पीरी के सिद्धांत को व्यवहार में सामने रखा।
मीरी दी सोच
मीरी-पीरी सिद्धांत में ‘मीरी’ सांसारिक जिम्मेदारियों और समाज के प्रति कर्तव्य-बोध से संबंधित पक्ष को दर्शाती है। श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने धार्मिक जीवन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की परंपरा को मजबूत किया।
पीरी दा उसूल
‘पीरी’ आध्यात्मिक पक्ष को दर्शाती है। इसका केंद्र गुरु की शिक्षाओं, सत्य, नैतिक जीवन और आध्यात्मिक अनुशासन से जुड़ा है। मीरी और पीरी को अलग-अलग नहीं बल्कि जीवन के संतुलित दृष्टिकोण के रूप में समझाया जाता है।
खालसे दी चढ़दी कला
‘चढ़दी कला’ का अर्थ उत्साह, हिम्मत और सकारात्मक मनोभाव बनाए रखने से जुड़ा है। सिख परंपरा में कठिन परिस्थितियों में भी परमात्मा पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ने और सेवा-भाव बनाए रखने पर जोर दिया जाता है।






