बच्चे के पेट में 20 टांके; गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक में चल रहा इलाज
सोनीपत (जागरूक पंजाब न्यूज नेटवर्क) : हरियाणा के सोनीपत की सिक्का कॉलोनी में पालतू पिटबुल के छह महीने के मासूम बच्चे पर हमला करने का खौफनाक मामला सामने आया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पिटबुल बच्चे को दबोचकर सड़क पर घसीटता दिखाई दे रहा है, जबकि बच्चे को बचाने के लिए उसकी बुआ और आसपास के लोग कुत्ते से भिड़ते नजर आते हैं। गंभीर रूप से घायल बच्चे का उपचार फिलहाल रोहतक पीजीआई में चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक घटना 14 सितंबर 2026 की शाम करीब सवा छह बजे सिक्का कॉलोनी की एक गली में हुई। बच्चे की बुआ उसे गोद में लेकर घूम रही थीं। इसी दौरान पड़ोसी के घर का दरवाजा खुलने पर पिटबुल बाहर आया और अचानक महिला तथा बच्चे पर झपट पड़ा। कुत्ते ने बच्चे को दबोच लिया और जमीन पर गिराकर उसे नोचना शुरू कर दिया। बुआ ने बच्चे को बचाने की कोशिश की तो कुत्ते ने उन पर भी हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। बच्चे के चेहरे, मुंह, हाथ-पैर और पेट पर गंभीर चोटें आईं। उसके पेट का ऑपरेशन किया गया और करीब 20 टांके लगाए गए। बच्चे को पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
घटना के CCTV सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल कुत्ते के मालिक की जिम्मेदारी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में हमले के दौरान मालिक के कथित तौर पर शांत नजर आने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति या मंशा के बारे में केवल वीडियो देखकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इतना स्पष्ट है कि कुत्ते के बाहर निकलने के बाद उसे रोकने में काफी समय लगा और इस दौरान मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया।
दूसरी ओर, अभी तक परिवार की ओर से पुलिस में लिखित शिकायत नहीं दिए जाने की बात सामने आई है। नगर निगम की संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़ ने कहा है कि शिकायत मिलने पर टीम भेजकर कुत्ते के दस्तावेजों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि पालतू कुत्ता रखना केवल शौक नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। कुत्ता किसी भी नस्ल का हो, मालिक की जिम्मेदारी है कि वह उसे इस तरह नियंत्रित रखे कि आसपास के लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में न पड़े।






