वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की बैठकें स्थगित करने से कर्मचारियों में भारी रोष; दो टूक- समय पर वेतन नहीं तो काम नहीं
मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब
जालंधर : पंजाब में लंबे समय से ठेके के आधार पर काम कर रहे एनएचएम कर्मचारियों की लंबित जायज मांगों को लेकर होने वाली बैठकें स्वास्थ्य मंत्री और वित्त मंत्री की ओर से लगातार स्थगित की जा रही हैं। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि 9 अक्टूबर को धूरी में विशाल रोष रैली कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान धूरी के बाजारों में सरकार के वादों की पोल खोलने वाले पर्चे भी बांटे जाएंगे।
यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष संदीप कौर ने बताया कि पंजाब के वित्त मंत्री के साथ होने वाली बैठक पिछले दिनों तीन बार स्थगित की जा चुकी है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री पंजाब की ओर से 5 अक्टूबर को होने वाली बैठक भी स्थगित कर दी गई। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है और केवल समय टालने की नीति अपना रही है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के साथ यूनियन की संयुक्त बैठक में उच्चस्तरीय एनएचएम कर्मचारी कल्याण कमेटी गठित की जानी थी। इस कमेटी ने 15 दिनों के भीतर कर्मचारियों की मांगों का सार्थक और स्थायी समाधान करना था। लेकिन अफसोस की बात है कि 20 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने बैठक करना तो दूर, कमेटी तक गठित नहीं की। इससे कर्मचारियों में भारी रोष और गुस्सा है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार कर्मचारियों की मांगों का स्थायी समाधान नहीं करती तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य मंत्री और वित्त मंत्री के घरों के बाहर पक्का धरना दिया जाएगा। इसके साथ ही हर तरह का काम, रिपोर्टिंग और ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी जाएंगी।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं दे रही है। बैठकों में बार-बार केवल वादे किए जा रहे हैं, जबकि हकीकत में सरकार बहानेबाजी और लारेबाजी से समय निकाल रही है।
कर्मचारियों ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि समय पर वेतन नहीं दिया गया तो काम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यूनियन ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों के प्रति तुरंत गंभीरता नहीं दिखाई तो आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज किया जाएगा।






