15 अक्टूबर से चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू, लेकिन आम लोगों के P2P ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं; ₹2,000 UPI की लिमिट नहीं
जालंधर (मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब) : सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर इन दिनों UPI को लेकर यह धारणा तेजी से फैल रही है कि ₹2,000 से अधिक की डिजिटल ट्रांजेक्शन करने पर लोगों से चार्ज लिया जाएगा या ₹2,000 से ज्यादा UPI भुगतान नहीं किया जा सकेगा। सरकारी दस्तावेजों और National Payments Corporation of India (NPCI) की नई व्यवस्था की पड़ताल में तस्वीर इससे अलग सामने आती है। केंद्र सरकार के 15 सितंबर 2026 के आधिकारिक स्पष्टीकरण के मुताबिक 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। ₹2,000 से अधिक के सामान्य मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR की दर 0.4% होगी और ₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजेक्शन पर यह अधिकतम ₹300 तक सीमित रहेगी।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि आम UPI यूजर को हर ₹2,000 से अधिक भुगतान पर अलग से चार्ज देना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किया गया UPI ट्रांसफर किसी भी राशि पर मुफ्त रहेगा। इसी तरह मर्चेंट को ₹2,000 तक का UPI भुगतान भी MDR से मुक्त रहेगा। छोटे कारोबारियों के लिए भी राहत रखी गई है। UPI QR के माध्यम से महीने में ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले छोटे मर्चेंट को Zero-MDR व्यवस्था का लाभ जारी रहेगा। सरकार के अनुसार लगभग 96 प्रतिशत मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन इस व्यवस्था से प्रभावित नहीं होंगे।
नई व्यवस्था में कुछ आवश्यक क्षेत्रों, जैसे रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि इनपुट में ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर फ्लैट ₹5 MDR का प्रावधान है। वहीं पूंजी बाजार से जुड़े कुछ भुगतान के लिए 0.02 प्रतिशत MDR, अधिकतम ₹300, निर्धारित किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ₹2,000 कोई नई UPI ट्रांजेक्शन लिमिट नहीं है। UPI की दैनिक सीमाएं अलग-अलग बैंक और ट्रांजेक्शन कैटेगरी के अनुसार होती हैं और वे सुरक्षा/रिस्क मैनेजमेंट से जुड़ी सीमाएं हैं, चार्ज लगाने की सीमा नहीं। इसलिए लोगों को यह समझना जरूरी है कि “₹2,000 से ज्यादा UPI मत करो” कहना सही नहीं है। नई व्यवस्था मुख्य रूप से चुनिंदा बड़े मर्चेंट लेनदेन पर MDR से संबंधित है, न कि आम व्यक्ति के UPI इस्तेमाल को रोकने से।
| दावा | सच्चाई |
|---|---|
| ₹2,000 से ज्यादा UPI नहीं कर सकते | ❌ गलत |
| ₹2,000 से ज्यादा करते ही ग्राहक से चार्ज कटेगा | ❌ सामान्य रूप से गलत |
| P2P UPI पर कोई चार्ज लगेगा | ❌ नहीं |
| ₹2,000 तक Merchant UPI | ✅ MDR मुक्त |
| ₹2,000 से ऊपर चुनिंदा Merchant UPI | ✅ 0.4% MDR |
| MDR की अधिकतम सीमा | ₹300 |
| नियम कब से | 15 अक्टूबर 2026 |
| ₹2,000 से ज्यादा भुगतान पर ₹5 हर जगह | ❌ गलत; कुछ निर्धारित सेक्टरों में फ्लैट ₹5 MDR |
स्रोत- भारत सरकार का PIB/वित्त मंत्रालय का 15 सितंबर 2026 का आधिकारिक स्पष्टीकरण।






