सीएम ऑफिस और घर में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई करेगी, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

Video में मजीठिया बोले- ओएसडी घुम्मण समेत पकड़े जाएंगे 40 चोर
ED के पत्रों पर राज्य पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर हाईकोर्ट सख्त; 2 महीने में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश

जागरूक पंजाब न्यूज नेटवर्क
चंडीगढ़ : पंजाब के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और मुख्यमंत्री निवास से जुड़े अधिकारियों व निजी व्यक्तियों पर लगे कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है। अदालत ने सीबीआई को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दो महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का स्पष्ट आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने यह कड़ा कदम प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा बार-बार पत्र लिखे जाने के बावजूद राज्य सरकार व पंजाब पुलिस द्वारा ठोस कानूनी कार्रवाई न किए जाने के चलते उठाया है।

ईडी के पत्रों पर एक्शन न होने के बाद सीबीआई को सौंपी जांच

जानें क्या है ईडी का मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब पुलिस (DGP) को कई आधिकारिक पत्र लिखकर मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों और करीबी सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की सिफारिश की थी। ईडी की जांच और सबूतों के अनुसार, मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) राजबीर घुम्मन, नितिन गुहाल, जतिन गुहाल और कुछ अन्य व्यक्तियों पर अवैध ट्रांसफर-पोस्टिंग, फाइलों के सौदे, और भ्रष्टाचार के जरिए भारी वित्तीय लेनदेन के गंभीर आरोप थे।

बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी जब राज्य की विजिलेंस या पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं दिखाई, तब यह मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय पहुंचा। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य तंत्र के रवैये पर कड़ी टिप्पणी करते हुए निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जांच सीबीआई के सुपुर्द कर दी।

कर्मचारियों के डीए (DA) मामले में भी सरकार को फटकार

मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले के साथ-साथ पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बकाया महंगाई भत्ते (DA) के मुद्दे पर भी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने राज्य के वित्तीय अधिकारियों और कोर्ट में पेश की गई दलीलों पर कड़ा रुख अपनाया। कर्मचारियों के हक और वित्तीय बकाये पर भ्रामक आंकड़े पेश करने को लेकर हाईकोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भारी नाराजगी जताई और मामले में पारदर्शी कदम उठाने के आदेश दिए।

अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस फैसले के बाद प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया

“भगवंत मान की ईमानदारी का नकाब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उतार दिया है! मुख्यमंत्री दफ्तर और घर में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर ED द्वारा बार-बार लिखे जाने के बावजूद कार्रवाई न करने पर हाईकोर्ट ने सारी जांच CBI को दे दी है और 2 महीने में रिपोर्ट देने को कहा है। राजबीर घुम्मन, नितिन गुहाल, जतिन गुहाल समेत सबका पर्दाफाश होना है और सब जल्दी पकड़े जाएंगे। कर्मचारियों के DA के मामले में भी टोपी सिन्हा ने कोर्ट को गुमराह किया और कोर्ट ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। अब गुरु-द्रोही से लेकर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया तक पूरा हिसाब होगा, सब पकड़े जाएंगे।”

spot_img

Hot this week

बस्ती बावा खेल में मेडिकल स्टोरों पर रेड, एक लाख नशीली गोलियां बरामद

दुकानदार बिक्री का रिकॉर्ड नहीं दिखा पाया, ड्रग इंस्पेक्टर...

जालंधर के गांव ढड्डा में जन्मदिन की पार्टी में गोलीबारी, 42 वर्षीय महिला की मौत

गोली लगने से बच्चा और फोटोग्राफर घायल, थाना पतारा...

Topics

बस्ती बावा खेल में मेडिकल स्टोरों पर रेड, एक लाख नशीली गोलियां बरामद

दुकानदार बिक्री का रिकॉर्ड नहीं दिखा पाया, ड्रग इंस्पेक्टर...

11 तारीख को 250 सिखों का जत्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को सौंपेगा मांगपत्र

गुरुद्वारा प्रबंधन में गिरावट और श्री आनंदपुर साहिब की...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img