रक्षाबंधन पर कैबिनेट मंत्री महिंदर भगत को बांधी राखी, मांग-पत्र देकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह तक मांगें पहुंचाने की अपील; सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन जारी
जालंधर (मनदीप शर्मा, जालंधर) : नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत पिछले 15-20 वर्षों से ठेके पर सेवाएं दे रहे कच्चे स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को रक्षाबंधन के मौके पर भी संघर्ष जारी रखा। डॉ. पंखुड़ी की अगुवाई में 13 अगस्त 2026 से चल रहे रोष प्रदर्शन के तहत एनएचएम कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय जालंधर के बाहर प्रदर्शन किया और सरकार से उनकी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की अपील की।
कर्मचारियों ने सबसे प्रमुख रूप से बराबर काम के लिए बराबर वेतन, ग्रेच्युटी और उम्र सीमा में बढ़ोतरी की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने सरकार से उनकी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने की मांग की।
रक्षाबंधन पर मंत्री महिंदर भगत को बांधी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर एनएचएम कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री महिंदर भगत को राखी बांधकर त्योहार मनाया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों से संबंधित मांग-पत्र भी सौंपा और इसे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह तक पहुंचाने की पुरजोर अपील की। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाएगी।
इस मौके पर डॉ. प्रतिभा, डॉ. मोनिका, डॉ. सीमा थापा, डॉ. कुलदीप और डॉ. सुमीत कपाही मौजूद रहे।
मांगें नहीं मानीं तो संघर्ष तेज करने की चेतावनी
एनएचएम कर्मचारियों ने कहा कि लगातार चल रही हड़ताल और धरना-प्रदर्शन के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और इसके लिए उन्होंने पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कर्मचारियों ने सरकार से अपील की कि उनकी मुख्य मांगों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकार किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। यूनियन के मुख्य प्रवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया तो एनएचएम यूनियन की ओर से संघर्ष को और तेज किया जाएगा तथा सरकार का हर मोड़ पर घेराव किया जाएगा।
कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान होने तक हड़ताल जारी रखने का फैसला कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
एनएचएम कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और अब सरकार से उनकी मांगों के स्थायी समाधान की अपेक्षा है।






