सरकार की वादाखिलाफी से NHM कर्मचारियों में रोष, 18 सितंबर को धूरी में CM कार्यालय घेरने का ऐलान
11 सितंबर के प्रदर्शन के बाद यूनियन ने संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी, डॉ. पंखुड़ी बोलीं- बार-बार बैठकें टालने से कर्मचारियों में बढ़ रही नाराजगी
जालंधर (मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब) : पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने पंजाब सरकार पर बार-बार बैठकें देकर पीछे हटने और उनकी मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। इसी के विरोध में NHM कर्मचारियों की ओर से 11 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। जालंधर की जिला प्रधान डॉ. पंखुड़ी ने बताया कि सरकार के रवैये को लेकर कर्मचारियों में लगातार रोष बढ़ रहा है।
यूनियन नेताओं के मुताबिक, इससे पहले 8 सितंबर को पटियाला में स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ बड़ी राज्य स्तरीय रोष रैली की गई थी। इसके बाद यूनियन को कैबिनेट सब कमेटी और वित्त मंत्री पंजाब के साथ दो अहम बैठकों का समय मिला था। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि इन बैठकों में उनकी मांगों को लेकर कोई सार्थक फैसला सामने आएगा, लेकिन यूनियन का आरोप है कि सरकार ने दोनों बैठकें स्थगित कर दीं।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप कौर बरनाला ने कहा कि बार-बार बैठकों को स्थगित किए जाने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने बताया कि यूनियन ने सर्वसम्मति से संघर्ष को और तेज करने का फैसला लिया है। इसके तहत 18 सितंबर को मुख्यमंत्री पंजाब के धूरी स्थित मुख्य कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया गया है।
यूनियन के महासचिव राम सिंह कपूरथला और अमनदीप सिंह पटियाला ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण NHM कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से यूनियन के साथ तुरंत बातचीत कर कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने की मांग की।
सीनियर नेताओं सुखजीत सिंह रोपड़, डॉ. वाहिगुरु मलेरकोटला, जगदेव सिंह मानसा और गुलशन जी फरीदकोट ने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में NHM कर्मचारियों की अहम भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद उनकी मांगों को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो यूनियन को भूख हड़ताल और मरणव्रत जैसे कड़े संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इस मौके पर जसवीर सिंह बरनाला, मनदीप सिंह तरनतारन, दिनेश गर्ग पटियाला, दीपिका पठानकोट, पवन जी, गौरव जी अमृतसर साहिब, बलकरण जी मुक्तसर साहिब, बगीचा जी फिरोजपुर, रविंदर जी फाजिल्का, डॉ. पंखुड़ी जी जालंधर, डॉ. सिमर जी मोगा, जसवीर जी मोगा, किरणजीत मोहाली, अमरजीत जी फतेहगढ़ साहिब, अमनदीप कौर नवांशहर, डॉ. शिवराज जी लुधियाना, डॉ. राज जी नवांशहर, तरुण जी होशियारपुर और डॉ. विक्रम सूरीं गुरदासपुर सहित अन्य नेता मौजूद रहे।






