गोल्डी की निर्विरोध जीत के बाद जुबिन शंगारी अचीवर्स सशक्त दावेदार

जालंधर: जिमखाना क्लब के 30 अगस्त को होने वाले चुनाव में अचीवर्स और प्रोग्रेसिव ग्रुप आमने-सामने हैं। दोनों खेमों की ओर से मेंबर्स को अपने पक्ष में करने के लिए बैठकों, पार्टी-मीटिंगों और व्यक्तिगत संपर्क का दौर लगातार जारी है। चुनावी मुकाबला अब केवल पदों की लड़ाई नहीं, बल्कि क्लब के भविष्य की दिशा तय करने वाली प्रतिष्ठा की लड़ाई भी बनता जा रहा है। सबसे पहले जॉइंट सेक्रेटरी पद पर अचीवर्स के हरप्रीत सिंह गोल्डी निर्विरोध विजेता घोषित हो चुके हैं। इससे अचीवर्स को चुनाव से पहले ही एक महत्वपूर्ण बढ़त मिली है। गोल्डी अपनी जीत के बाद ग्रुप के लिए एकजुटता और स्वीकार्यता के लगातार प्रयास कर रहे हैं।
अब अचीवर्स के एग्जीक्यूटिव पद के सशक्त दावेदार (सीरियल नंबर 5 ) जुबिन शंगारी पूरी तैयारी से जीत की ओर अग्रसर हैं। लगातार मीटिंगें और सीनियर्स से मिल रहा आशीर्वाद उन्हें ग्रुप का सबसे चहेता उम्मीदवार बनाकर जीत हासिल कराएगा। पहली बार चुनाव मैदान में उतरे जुबिन को क्लब के सीनियर्स का मिल रहा समर्थन उनके पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश को मजबूत कर रहा है। चुनावी समीकरणों में उनका नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एग्जीक्यूटिव की 16 सीटों के लिए मुकाबला काफी दिलचस्प है और एक-एक वोट महत्वपूर्ण हो सकता है।
कौन-कौन आमने-सामने?
अचीवर्स की ओर से टॉप पोस्ट पर जूनियर वाइस प्रेसिडेंट के लिए धीरज सेठ, ऑनरेरी सेक्रेटरी के लिए अमित कुकरेजा और ट्रेजरर के लिए सौरभ खुल्लर मैदान में हैं। जॉइंट सेक्रेटरी पर गोल्डी पहले ही निर्विरोध जीत चुके हैं। एग्जीक्यूटिव टीम में अतुल तलवार, जुबिन शंगारी, मोहिंदर सिंह, एम.बी. बाली, नितिन बहल, सीए राजीव बंसल, रिशु झांजी, शालिनी कालरा और विनी शर्मा धवन शामिल हैं। इनमें जुबिन और रिशु पहली बार मैदान में हैं।
दूसरी ओर प्रोग्रेसिव ग्रुप से जूनियर वाइस प्रेसिडेंट के लिए एडवोकेट दलजीत सिंह छाबड़ा, ऑनरेरी सेक्रेटरी के लिए इंजीनियर विजय सहदेव और ट्रेजरर के लिए गुरदर्शन सिंह कोछड़ मुकाबले में हैं। एग्जीक्यूटिव टीम में प्रो. विपन झांझी, शालीन जोशी, एडवोकेट तरनजोत सिंह सिडाना, कैप्टन रमन सिंह, जसमीत छाबड़ा, गगनदीप उप्पल और मनिंदर सिंह बेदी शामिल हैं।
कमजोर कड़ी कौन? यही सबसे बड़ा सवाल
चुनाव में सबसे बड़ा सवाल यह है कि किस ग्रुप की कौन-सी कड़ी कमजोर साबित होती है। टॉप पोस्ट पर ट्रैजरर के अलावा दोनों पक्षों के अनुभवी चेहरों के बीच मुकाबला है, लेकिन एग्जीक्यूटिव में नए चेहरों की एंट्री परिणाम को बदल सकती है। यहां व्यक्तिगत संपर्क, सीनियर्स का समर्थन, युवा मेंबर्स की पसंद और अंतिम समय की वोटिंग रणनीति निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
अचीवर्स के लिए गोल्डी की निर्विरोध जीत के बाद अगली बड़ी परीक्षा जुबिन शंगारी की है। क्लब के अनुभवी मेंबर्स का कहना है कि जुबिन शंगारी अपनी व्यक्तिगत पकड़ को वोट में बदलने में सफल होंगे। अचीवर्स की एग्जीक्यूटिव टीम को इसका सीधा फायदा मिलेगा। वहीं प्रोग्रेसिव की चुनौती यह है कि उसके नए चेहरों को लेकर बना उत्साह वोटों में कितना परिवर्तित होता है।
30 अगस्त को असली तस्वीर मतपेटी से निकलेगी। फिलहाल दोनों खेमे अपनी-अपनी ताकत गिनाने में जुटे हैं, लेकिन इस बार जीत केवल बड़े नामों से नहीं—‘किसकी टीम अपने समर्थकों को मतदान केंद्र तक पहुंचा पाती है’, इससे तय होने के आसार हैं।






