मान की लोक मिलनी में छत से काला कपड़ा लहराने के मामले में परगट सिंह ने सरकार को घेरा
चंडीगढ़/संगरूर (जागरूक पंजाब न्यूज नेटवर्क) : मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से बुधवार को संगरूर जिले के सुनाम हलके के गांव शेरों में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान एक युवक के काला कपड़ा लहराकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में पुलिसकर्मी युवक को छत से नीचे उतारते दिखाई दे रहे हैं। घटना को लेकर अब राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक युवक की पहचान मोहंजीत सिंह के रूप में हुई है। वह नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाला कार्यकर्ता बताया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान वह कार्यक्रम स्थल के नजदीक एक मकान की छत पर चढ़ गया और काला कपड़ा लहराते हुए पंजाब में बढ़ते नशे के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस की ओर से बताया गया कि मोहंजीत सिंह को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। संगरूर की एसएसपी रवजोत ग्रेवाल के मुताबिक मेडिकल जांच के बाद उसका डोप टेस्ट पॉजिटिव आया और बाद में उसे छोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार वह अपने परिवार के पास लौट गया। हालांकि, हिरासत के दौरान उसके साथ कथित मारपीट के आरोप भी सामने आए हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मान ने लोक मिलनी में गिनाए सरकार के काम
शेरों में आयोजित लोक मिलनी के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल को लेकर कई दावे किए। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और सड़कों समेत विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है। मान ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल में 70 हजार से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी हैं।
नशे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पारंपरिक राजनीतिक दलों ने पंजाब की युवा पीढ़ी को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने अपनी सरकार की ओर से नशे के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों और गांवों में खेल सुविधाएं बढ़ाने का भी उल्लेख किया।
परगट सिंह ने साधा निशाना
कांग्रेस नेता और विधायक परगट सिंह ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, “We’ve turned Punjab into a ‘police state’!” यानी “हमने पंजाब को ‘पुलिस स्टेट’ बना दिया है!” परगट सिंह ने आगे कहा कि लोकतंत्र इस तरह नहीं चलता, जिस तरह आज पंजाब में चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों की आवाज सुनने के बजाय पुलिस की ताकत से लोगों को चुप कराना लोकतंत्र नहीं है।
इस घटना ने मुख्यमंत्री की ‘लोक मिलनी’ और सरकार के लोगों से सीधे संवाद के दावे के बीच विरोधाभास को लेकर विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का मौका दिया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवक को कार्यक्रम में व्यवधान रोकने के लिए एहतियातन हिरासत में लिया गया था।






