फाटक बंद, इकहरी पुली में पानी और माल गोदाम से निकलते ट्रकों ने बढ़ाई परेशानी; धार्मिक कार्यक्रम के लिए सड़क भी बंद
जालंधर (मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब) : अगर जरूरी न हो तो शनिवार को होशियारपुर अड्डा की तरफ जाने से बचें। दोमोरिया पुल के पास हालात ऐसे बने हुए हैं कि वाहन चालकों को जाम में फंसकर काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। जाम का असर केवल होशियारपुर अड्डा तक सीमित नहीं है, बल्कि किशनपुरा चौक से होशियारपुर अड्डा की तरफ और लम्मा पिंड चौक की तरफ जाने वाले रास्तों पर भी यातायात प्रभावित है।

दोमोरिया पुल के पास इकहरी पुली में पानी जमा होने से पहले ही सड़क की स्थिति वाहन चालकों के लिए परेशानी पैदा कर रही है। इसके साथ ही होशियारपुर अड्डा और टांडा अड्डा के फाटक बंद होने के कारण भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। माल गोदाम की तरफ से निकलने वाले ट्रक भी जाम का बड़ा कारण बन रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही और पहले से धीमी ट्रैफिक व्यवस्था के बीच स्थिति लगातार बिगड़ती नजर आ रही है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे हालात में ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी और व्यवस्था आखिर कहां है? जाम बढ़ता रहा, वाहन रेंगते रहे और लोग परेशान होते रहे, लेकिन मौके पर ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए पुलिसकर्मियों की पर्याप्त मौजूदगी नजर नहीं आई। अगर पहले से मालूम है कि फाटक बंद होने, पानी जमा होने और माल गोदाम से ट्रकों की आवाजाही के कारण यहां दबाव बढ़ सकता है तो ट्रैफिक पुलिस ने इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की?
किशनपुरा की गलियों में भी पहुंचा जाम
मुख्य सड़क पर जाम का असर अब आसपास की गलियों में भी दिखाई दे रहा है। जाम से बचने के लिए वाहन चालक किशनपुरा की गलियों का रुख कर रहे हैं, जिससे वहां भी यातायात की स्थिति बिगड़ गई है। यानी मुख्य सड़क से निकलने की कोशिश कर रहे लोग अब अंदरूनी रास्तों पर भी फंस रहे हैं।
धार्मिक कार्यक्रम के लिए भी रास्ता बंद
होशियारपुर अड्डा-स्टेशन रोड पर धार्मिक कार्यक्रम के लिए स्टेज लगाने का काम चल रहा है, जिसके कारण रास्ता बंद किया गया है। ऐसे में पहले से दबाव झेल रहे क्षेत्र में यातायात की परेशानी और बढ़ गई है।
लोगों के लिए सलाह: जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, होशियारपुर अड्डा की तरफ जाने से पहले वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करें। जरूरी काम न हो तो इस रूट से जाने से बचना ही बेहतर है। सवाल यही है कि जब शहर में जाम की स्थिति इतनी स्पष्ट दिखाई दे रही है, तो ट्रैफिक पुलिस की सक्रिय व्यवस्था सड़क पर क्यों नजर नहीं आ रही?






