कर्मचारी नेता सुखचैन सिंह खैहरा के तबादले पर मजीठिया बोले- कर्मचारी एकता से घबराई सरकार
चंडीगढ़ : पंजाब में सरकारी कर्मचारियों के आंदोलन के बीच कर्मचारी नेता सुखचैन सिंह खैहरा के तबादले को लेकर सियासत तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए खैहरा के तबादले को कर्मचारी आंदोलन से जोड़कर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पंजाब सरकार ने 31 अगस्त को पंजाब स्टेट सर्विसेज (पीएसएस) कैडर के तीन सुपरिंटेंडेंट के तबादले के आदेश जारी किए। इनमें साझा मुलाजम मंच पंजाब के अध्यक्ष सुखचैन सिंह खैहरा भी शामिल हैं। खैहरा को तत्काल प्रभाव से प्लानिंग ब्रांच, सेक्टर-33 में भेजा गया है।
मजीठिया ने सरकार पर साधा निशाना
बिक्रम सिंह मजीठिया ने अपने ट्वीट में आरोप लगाया कि कर्मचारी एकता और आंदोलन से घबराकर खैहरा को सचिवालय से बाहर किया गया है। उन्होंने इसे साजिश बताते हुए पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। मजीठिया ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल खैहरा और कर्मचारियों के साथ खड़ा है।
मजीठिया ने अपने संदेश में यह भी दावा किया कि खैहरा को वेतन रोकने की धमकियां दी जा रही हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। एक रिपोर्ट में नए पद पर ज्वाइन न करने की स्थिति में कार्रवाई, जिसमें वेतन रोकना भी शामिल हो सकता है, की बात सामने आई है।
कर्मचारी आंदोलन के बीच हुआ तबादला
खैहरा पिछले दिनों पंजाब के कर्मचारी आंदोलन में सक्रिय रहे हैं। 27 अगस्त को पंजाब में कर्मचारियों की सामूहिक हड़ताल के दौरान भी साझा मोर्चे के नेता के तौर पर उनका नाम सामने आया था। कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में डीए, बकाया भुगतान, पुरानी पेंशन बहाली, वेतन संशोधन और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना सहित कई मुद्दे शामिल हैं।
तबादले के बाद अब इस मामले पर कर्मचारी संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर नजर है।






