पंजाब प्रधान जगदीप शर्मा ने महिला से फोन पर बात की; पुलिस में शिकायत की तैयारी, कार्रवाई न हुई तो धरने की चेतावनी
पटियाला/संगरूर (जागरूक पंजाब न्यूज नेटवर्क) : संगरूर की रहने वाली एक महिला ने बिल्लियों को श्री राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजाकर सोशल मीडिया पर फोटो वायरल कर दीं। फोटो के साथ “मेरे राधा-कृष्ण” लिखे जाने पर श्री हिंदू तख्त काली माता मंदिर, पटियाला से जुड़े पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह भगवान श्री राधा-कृष्ण के स्वरूप को पालतू जानवरों के रूप में प्रस्तुत करना हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।
मामले की जानकारी मिलने पर पंजाब प्रधान काली माता मंदिर, पटियाला जगदीप शर्मा ने महिला से फोन पर बात की। शर्मा के मुताबिक बातचीत के दौरान महिला ने उनके साथ भी बदसलूकी की। शर्मा ने जब अपना परिचय दिया तो महिला ने कहा, “भरावा फोटो हटा दित्तीआं।” इसके बाद फोटो हटाने की बात कही गई।
जगदीप शर्मा ने कहा कि इस मामले को केवल फोटो हटाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। वे इस संबंध में पुलिस प्रशासन को शिकायत देकर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। उनका कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में प्रशासन को शिकायत की गंभीरता से जांच करनी चाहिए। यदि कार्रवाई में ढील बरती गई तो संगठन की ओर से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
कानून क्या कहता है?
कानून में धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से आहत करने वाले कृत्यों के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 का प्रावधान है। इसमें शब्दों, लिखित सामग्री, संकेतों, दृश्य प्रस्तुति या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम आदि के जरिए किसी धर्म या धार्मिक विश्वास का अपमान करने पर तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। हालांकि इस धारा को लागू करने के लिए कानून में “deliberate and malicious intention” यानी जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण मंशा का तत्व महत्वपूर्ण है। पुलिस शिकायत मिलने के बाद फोटो, कैप्शन, पोस्ट की परिस्थितियों और कथित मंशा की जांच के आधार पर उचित कानूनी धाराओं पर फैसला कर सकती है।
धार्मिक भावनाएं आहत होने पर शिकायत कहां करें?
सबसे पहले संबंधित पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी जा सकती है। संगरूर जिले में पुलिस थानों की आधिकारिक सूची और संपर्क नंबर जिला प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। पंजाब पुलिस का Public Grievances Portal भी शिकायत दर्ज कराने के लिए उपलब्ध है।
जागरूकता जरूरी: धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में आपत्ति दर्ज कराना कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। सोशल मीडिया पर धमकी, गाली-गलौज या किसी व्यक्ति के खिलाफ भीड़ जुटाने के बजाय पोस्ट के स्क्रीनशॉट/लिंक सुरक्षित रखकर पुलिस को शिकायत देना उचित रास्ता है।
नोट : खबर लगाने का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करना नहीं है।






