जयपुर, 18 जुलाई (जागरूक पंजाब) : राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने परीक्षाओं में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) प्रारंभिक परीक्षा-2026, निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा-2025 और निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा-2025 के आवेदन फॉर्म में ऑनलाइन संशोधन (Correction) का आखिरी मौका दिया है।
इसके साथ ही, आयोग ने उन अभ्यर्थियों को अपना आवेदन वापस लेने (Withdraw) का भी अवसर दिया है जिन्होंने बिना जरूरी योग्यता के गलत तरीके से फॉर्म भर दिया था। ऑनलाइन संशोधन और विड्रॉ करने की यह प्रक्रिया आज 18 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई 2026 तक चलेगी।
परीक्षा का शेड्यूल: सितंबर में होंगे एग्जाम
आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि इन परीक्षाओं का आयोजन निम्नलिखित तिथियों पर तय किया गया है:
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सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) प्रारंभिक परीक्षा-2026: 2 सितंबर 2026
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निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा-2025: 19 सितंबर 2026
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निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा-2025: 19 सितंबर 2026
इन 5 चीजों में नहीं होगा कोई बदलाव
आयोग ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापन की शर्तों के अनुसार अभ्यर्थी अपने मूल विवरणों में कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे। निम्नलिखित विवरणों में संशोधन प्रतिबंधित रहेगा:
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अभ्यर्थी का नाम
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पिता का नाम
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फोटो
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जन्म तिथि (DOB)
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जेंडर (लिंग) इनके अतिरिक्त अन्य सभी प्रविष्टियों में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकता है। ऑफलाइन माध्यम से कोई भी प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं होगा।
फीस और संशोधन का पूरा प्रोसेस
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संशोधन शुल्क: अभ्यर्थियों को ई-मित्र या ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से ₹500 का शुल्क देना होगा।
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कैसे करें बदलाव: आयोग के ऑफिशियल पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध ‘Apply Online’ लिंक या फिर SSO पोर्टल पर लॉगिन करें। इसके बाद ‘Citizen Apps’ में जाकर ‘Recruitment Portal’ का चयन कर संबंधित परीक्षा के फॉर्म में सुधार किया जा सकता है।
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हेल्पलाइन: तकनीकी समस्या होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर मेल करें या फोन नंबर 9352323625 व 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं।
बिना योग्यता फॉर्म भरने वालों के लिए कड़ी चेतावनी: BNS की धारा 217 के तहत होगी कार्रवाई
RPSC सचिव ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जिन अभ्यर्थियों के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता (Eligibility) नहीं है और उन्होंने असत्य या गलत सूचना के आधार पर आवेदन किया है, वे अपना फॉर्म तुरंत विड्रॉ कर लें।
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ऐसा न करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 के तहत इसे एक दंडनीय अपराध माना जाएगा और कानूनी कार्रवाई होगी।
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इसके अलावा, काउंसलिंग या पात्रता जांच के दौरान अपात्र पाए जाने पर ऐसे अभ्यर्थियों को आगामी 1 वर्ष के लिए RPSC की सभी भर्ती परीक्षाओं से डिबार (प्रतिबंधित) कर दिया जाएगा।
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विड्रॉ करने का तरीका: अभ्यर्थी SSO पोर्टल पर लॉगिन कर ‘My Recruitment’ सेक्शन में जाएं और संबंधित परीक्षा के सामने दिए गए ‘Withdraw’ बटन पर क्लिक करें।
नॉलेज बॉक्स: क्या है भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217?
लोक सेवक को गलत सूचना देना: देश में नए लागू हुए आपराधिक कानूनों (BNS) के तहत, धारा 217 (जो पहले IPC की धारा 177 हुआ करती थी) के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी लोक सेवक (जैसे RPSC बोर्ड) को किसी विषय पर ऐसी कानूनी जानकारी या सूचना देता है जिसके गलत होने का उसे पता है, तो यह अपराध है।
सजा का प्रावधान: इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर साधारण मामलों में 6 महीने तक की जेल या जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। यदि यह सूचना किसी गंभीर अपराध या प्रक्रिया को बाधित करने के लिए दी गई है, तो सजा 2 साल तक बढ़ सकती है।

