रिजल्ट घोषित: कट-ऑफ में रिकॉर्ड उछाल
जालंधर/नई दिल्ली, 18 जुलाई (जागरूक पंजाब): नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस साल देश भर से करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य अलाइड कोर्सेज में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं।
इस साल के नतीजों ने कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। साल 2020 और 2021 के बाद यह पहली बार हुआ है जब कोई भी छात्र 720 में से 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर पाया है।
पंजाब और हरियाणा के बेटों ने मारी बाजी
इस बार ऑल इंडिया टॉप रैंक पर संयुक्त रूप से दो राज्यों का कब्जा रहा। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल 720 में से 715 अंकों के साथ ऑल इंडिया टॉपर बने हैं। टॉप स्कोरर्स की सूची में इस बार कड़ी टक्कर देखने को मिली है:
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700+ अंक: कुल 19 स्टूडेंट्स ने 700 से ज्यादा अंक हासिल किए।
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690+ अंक: 138 उम्मीदवारों ने 690 से अधिक अंक प्राप्त किए।
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उम्र और प्रयास: टॉप रैंकर्स में 93% से ज्यादा स्टूडेंट्स ऐसे हैं जिन्होंने पहली बार में ही यह परीक्षा क्रैक की है, और 99% टॉपर्स की उम्र 17 से 19 साल के बीच है।
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जेंडर गैप: क्वालिफाई करने वाले कुल उम्मीदवारों में छात्राओं (लड़कियों) का दबदबा रहा है, जिनकी भागीदारी 58% से ज्यादा है, जबकि छात्र 55.1% रहे हैं। (छात्र अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं)।
पेपर लीक के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा, NTA ने बदला था सिस्टम
बता दें कि 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG 2026 की पहली परीक्षा को पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की। यह परीक्षा देश-विदेश के 551 शहरों के 5,440 केंद्रों पर 13 भाषाओं में ली गई थी।
इस बार NTA ने रिजल्ट में देरी और विवादों से बचने के लिए मूल्यांकन (Evaluation) प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया। पहली बार सभी चरणों का मूल्यांकन एक के बाद एक करने के बजाय समानांतर (Parallel Process) तरीके से किया गया। साथ ही, OMR शीट चैलेंज की प्रक्रिया को आंसर-की जारी करने की प्रक्रिया से अलग रखा गया, जिससे परिणाम समय पर आ सका।
📊 NEET UG 2026: परीक्षा से रिजल्ट तक की पूरी टाइमलाइन
| तारीख | मुख्य घटनाक्रम / प्रक्रिया |
| 3 मई 2026 | देश भर में NEET UG 2026 की पहली परीक्षा का आयोजन हुआ। |
| 12 मई 2026 | पेपर लीक के पुख्ता आरोपों के बाद 3 मई को हुई परीक्षा को रद्द कर दिया गया। |
| 21 जून 2026 | NTA द्वारा पूरे देश और विदेश में NEET UG की दोबारा परीक्षा ली गई। |
| 25 जून 2026 | प्रोविजनल आंसर-की (Provisional Answer Key) जारी कर ऑब्जेक्शन विंडो खोली गई। |
| 25–28 जून 2026 | उम्मीदवारों से आंसर-की पर आपत्तियां दर्ज करने का समय दिया गया। |
| 13–15 जुलाई 2026 | स्टूडेंट्स की स्कैन की गई OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स जारी किए गए। |
| 16 जुलाई 2026 | फाइनल आंसर-की जारी होने के साथ ही देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट घोषित हुआ। |
🚨 2027 से बड़ा बदलाव: पेन-एंड-पेपर मोड खत्म, कंप्यूटर पर ऑनलाइन होगी परीक्षा
हालिया पेपर लीक विवादों से सबक लेते हुए केंद्र सरकार और NTA ने NEET परीक्षा के प्रारूप में ऐतिहासिक बदलाव का फैसला किया है। वर्ष 2027 से NEET-UG परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। वर्तमान में यह परीक्षा ऑफलाइन (ओएमआर शीट, पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। हालांकि, NTA ने साफ किया है कि परीक्षा के सिलेबस, प्रश्नों की संख्या और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। छात्रों को नए सिस्टम की आदत डालने के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा दी जाएगी।
नॉलेज बॉक्स: नीट 2026 के 4 बड़े राष्ट्रीय ट्रेंड्स
कट-ऑफ में भारी उछाल: 2025 के मुकाबले इस साल कट-ऑफ मार्क्स बहुत ऊपर चले गए हैं। जनरल/EWS वर्ग के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स 144 से बढ़कर सीधे 213 हो गए हैं। वहीं OBC, SC और ST वर्ग के लिए यह 113 से बढ़कर 177 अंक पहुंच गया है।
छात्रों की संख्या में गिरावट: नीट परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की संख्या पिछले दो साल से घट रही है। 2024 में 23.33 लाख और 2025 में 22.09 लाख छात्रों के मुकाबले 2026 में केवल 20 लाख छात्र ही परीक्षा में शामिल हुए।
लड़कियों का बढ़ता ग्राफ: मेडिकल क्षेत्र में लड़कियों की रुचि लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। 2019 में जहां 8.39 लाख लड़कियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, वहीं इस दौर में यह आंकड़ा 13 लाख पार चल रहा है। इनका सक्सेस रेट भी लड़कों से बेहतर (56%-57%) बना हुआ है।
छोटे राज्यों का दबदबा: टॉप-17 हाई स्कोरर्स (705+ अंक) मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी और बिहार जैसे राज्यों से हैं, लेकिन इस बार पूर्वोत्तर के सभी राज्यों से स्टेट टॉपर्स निकले हैं और लक्षद्वीप जैसे छोटे केंद्रशासित प्रदेश से भी 43 छात्रों ने क्वालिफाई कर इतिहास रचा है।

