10 मिनट में हाईवे पर एंबुलेंस सेवा… 112 से होगी कनेक्ट; हादसे के बाद गोल्डन ऑवर में इलाज दिलाने पर जोर

हर टोल प्लाजा पर मिलेगी एंबुलेंस

नई दिल्ली (जागरूक पंजाब न्यूज नेटवर्क) : राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। सड़क हादसे की स्थिति में घायलों को जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार टोल प्लाजा आधारित एंबुलेंस नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में राज्य सरकारों के सहयोग से एंबुलेंस उपलब्ध कराने और हादसे की सूचना मिलने के 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार राज्यों को एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए तैयार है, जबकि राज्यों को इनके संचालन और निर्धारित प्रतिक्रिया समय सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

स्रोत : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), राज्यसभा में दी गई जानकारी।

112 पर कॉल करते ही नजदीकी एंबुलेंस को अलर्ट

हाईवे पर दुर्घटना होने पर लोगों को अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी। 112 पर कॉल कर हादसे की सूचना दी जा सकती है। उपलब्ध व्यवस्था के तहत नजदीकी एंबुलेंस को जीपीएस और डिस्पैच सिस्टम के माध्यम से अलर्ट किया जा सकता है। NHAI की मौजूदा व्यवस्था में 1033 हेल्पलाइन के जरिए भी दुर्घटना की सूचना मिलने पर नजदीकी एंबुलेंस को भेजने की व्यवस्था है।

हाईवे पर पहले से 3,000 से ज्यादा ऑन-रोड यूनिट

NHAI की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा के आसपास 3,000 से अधिक ऑन-रोड यूनिट तैनात हैं, जिनमें एंबुलेंस, पेट्रोल वाहन और क्रेन शामिल हैं। इनमें 350 से अधिक एंबुलेंस केंद्रीयकृत एंबुलेंस वेंडरों के माध्यम से तैनात की गई हैं। NHAI ने 1033 को राज्यों की 112/108 हेल्पलाइन से जोड़ने की दिशा में भी काम किया है।

स्रोत : NHAI Annual Report 2023-24 और NHAI की आधिकारिक जानकारी।

हादसा होने पर आपके काम की 4 बातें

1. तुरंत 112 या 1033 पर कॉल करें
हादसे की सही जगह बताएं और संभव हो तो हाईवे नंबर, टोल प्लाजा या नजदीकी माइलस्टोन की जानकारी दें।

2. लाइव लोकेशन साझा करें
मोबाइल की लाइव लोकेशन देने से राहत टीम को दुर्घटना स्थल तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

3. घायल को अनावश्यक रूप से न हिलाएं
जब तक तत्काल खतरा न हो, गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बिना जरूरत स्थानांतरित न करें और मेडिकल सहायता आने दें।

4. गोल्डन ऑवर सबसे महत्वपूर्ण
NHAI के अनुसार हादसे के बाद तत्काल सहायता और नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा तक रेफरल की व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य घायलों को गोल्डन ऑवर में उपचार उपलब्ध कराना है। NHAI ने 2024 में HLL Lifecare के साथ हुए समझौते में एंबुलेंस, रियल-टाइम ट्रैकिंग और नजदीकी स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने वाली व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही थी।

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