श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से कीर्तन, सत्संग और ज्योति प्रज्ज्वलन में लिया भाग, मानव जीवन को प्रभु भक्ति के लिए समर्पित करने का आह्वान
अमृतसर : संक्रांति पर्व के अवसर पर विजय नगर, बटाला रोड स्थित श्री रघुनाथ मंदिर में श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पवित्र ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और सत्संग में भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संक्रांति पर्व का शुभ संदेश भी सुनाया गया। वक्ताओं ने कहा कि मानव जीवन ईश्वर का अनमोल उपहार है और इसका प्रत्येक क्षण सत्संग, सेवा, सिमरन तथा सद्कर्मों में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय सबसे मूल्यवान धन है, जो एक बार बीत जाने के बाद कभी लौटकर नहीं आता। इसलिए वर्तमान को प्रभु स्मरण और मानव सेवा में लगाना ही जीवन की सबसे बड़ी साधना है।
प्रवचनों में कहा गया कि संक्रांति केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव का भी संदेश देती है। मनुष्य को अपने भीतर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, करुणा, विनम्रता और परोपकार का मार्ग अपनाना चाहिए। सच्ची भक्ति वही है, जो व्यक्ति के व्यवहार में प्रेम, संयम और सेवा के रूप में दिखाई दे।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि सत्संग मन को शांति प्रदान करता है, सेवा अहंकार को समाप्त करती है और सिमरन आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम बनता है। जब ये तीनों जीवन का हिस्सा बन जाते हैं, तब व्यक्ति का जीवन सार्थक हो जाता है। सत्संग के समापन पर श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका, आशीर्वाद प्राप्त किया और सेवा कार्यों में भागीदारी निभाई। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

