कंपनी बाग चौक में प्रदर्शन; कुछ कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ भी लगाए नारे

जागरूक पंजाब न्यूज, जालंधर : कंपनी बाग चौक (श्रीराम चौक) में शनिवार को केंद्र सरकार एवं भाजपा के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान उस समय असहज स्थिति बन गई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाते समय कांग्रेस का झंडा भी आग की चपेट में आ गया। पुतले को संभालने के दौरान यह घटना हुई और कार्यकर्ताओं ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की। कांग्रेस की ओर से यह प्रदर्शन UPI से जुड़े नए शुल्क ढांचे के विरोध में किया गया था। प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं शहरी जिला प्रधान राजिंदर बेरी, रविश राज सहित पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका।
केंद्र सरकार पर अमरीका का दबाव : रविश राज

‘भारत की जनता को पहले यूपीआई की आदत डाली गई और अब चार्जेस लगाकर फालतू भार डाला जा रहा है। केंद्र सरकार को इसका खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा। यूपीआई चार्जेज पब्लिक पर धोखा है। जब यूपीआई शुरू किया गया तो कहा गया था कि इस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। कैश का इस्तेमाल घटाना है। यह चार्ज अंडर अमेरिका प्रैशर ही लगाया गया है।’ यह बात कांग्रेस नेता रविश राज ने प्रदर्शन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि दरअसल मास्टर कार्ड और वीजा कार्ड पर जो चार्ज लगते हैं, तो इनका इस्तेमाल कम हो गया। इसी कारण अब यूपीआई चार्ज लगाया गया है। यह अमेरिका का ही एंगल है। वीजा-मास्टर कार्ड पर चार्जेज धीरे-धीरे बढ़ा दिए जाएंगे। यूपीआई चार्जेज मास्टर कार्ड के बराबर लाकर खड़े किए जाएंगे।
पंजाब सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए
केंद्र सरकार के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से पंजाब सरकार के खिलाफ नारे लगाए जाने की बात भी सामने आई। इससे प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए असमंजस की स्थिति बनी। हालांकि, प्रदर्शन का घोषित मुद्दा केंद्र सरकार की UPI संबंधी नीति का विरोध था।
राजिंदर बेरी ने UPI शुल्क का विरोध किया
कांग्रेस नेता राजिंदर बेरी ने UPI से जुड़े शुल्क को ‘मोदी टैक्स’ बताते हुए इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों, युवाओं, मध्यम वर्ग और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया गया और लोग UPI का इस्तेमाल करने लगे, ऐसे समय में इससे जुड़े शुल्क का प्रावधान आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए अतिरिक्त बोझ बन सकता है। गौरतलब है कि UPI शुल्क को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक दलों की ओर से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जालंधर में इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया था।






