DA के 18 फीसदी बकाये से OPS तक कर्मचारियों का सरकार पर दबाव, 40 दिन की हड़ताल से लेकर 27 अगस्त की ‘महाहड़ताल’ तक कई बार सड़कों पर उतरे मुलाजिम
चंडीगढ़ (जागरूक पंजाब न्यूज नेटवर्क) : पंजाब की भगवंत मान सरकार के सामने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का आंदोलन लगातार बड़ा होता जा रहा है। जिस पंजाब सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री बनने के बाद भगवंत मान का कर्मचारियों ने फूलों की वर्षा कर स्वागत किया था, उसी सरकार के खिलाफ आज कर्मचारी DA के बकाये, पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने और अन्य मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। अगस्त 2026 में हुए प्रदर्शनों में कर्मचारी संगठनों ने 18 फीसदी लंबित DA की मांग को प्रमुखता से उठाया। पिछले महीने चंडीगढ़ के सेक्टर-39 में हजारों कर्मचारी-पेंशनर जुटे और विधानसभा की ओर मार्च का प्रयास किया, जिस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
अब शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इसी मुद्दे पर भगवंत मान सरकार और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर तीखा हमला बोला है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि जिस इमारत में कभी मुख्यमंत्री का फूलों से स्वागत हुआ था, वहीं आज कर्मचारियों की आवाजें और नारे सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने DA, बकाया राशि और पेंशन लागू करने की मांग को लेकर सरकार को घेरा। साथ ही विज्ञापनों पर खर्च को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
40 दिन की हड़ताल के बाद मिला था सिर्फ एक DA किस्त का लाभ
कर्मचारी आंदोलन कोई नया घटनाक्रम नहीं है। पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन ने 8 नवंबर 2023 को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। DA की लंबित किस्तें जारी करने और OPS लागू करने समेत कई मांगों को लेकर शुरू हुई यह हड़ताल करीब 40 दिन चली और 18 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक के बाद खत्म हुई। इसके बाद जुलाई 2022 की 4 फीसदी DA किस्त जारी की गई, लेकिन कर्मचारी संगठनों के मुताबिक इसके बाद की किस्तें लंबित रहीं।
OPS का नोटिफिकेशन, लेकिन अमल अभी भी सवाल
पुरानी पेंशन योजना को लेकर भी कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार ने 18 नवंबर 2022 को OPS लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन अगस्त-सितंबर 2026 तक इसके व्यावहारिक क्रियान्वयन को लेकर कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है।
2024 में भी शिक्षक सड़कों पर उतरे
5 सितंबर 2024 को सरकारी स्कूल शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, लंबित DA किस्तें जारी करने और 37 भत्तों समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। लुधियाना में मिनी सचिवालय के बाहर शिक्षकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की थी।
2026 में आंदोलन ने पकड़ा जोर
पिछले महीने हजारों कर्मचारी और पेंशनर चंडीगढ़ के सेक्टर-39 में एकत्र हुए। कर्मचारियों ने लंबित DA, OPS, ACP और अन्य सेवा संबंधी मांगें उठाईं। विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन और तेज करने का ऐलान किया।
27 अगस्त 2026 को कर्मचारियों ने ‘महाहड़ताल’ का आह्वान किया। रिपोर्टों के मुताबिक तीन लाख से अधिक कर्मचारियों ने सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेकर विरोध जताया, जबकि चार लाख से अधिक पेंशनरों के भी धरनों में शामिल होने की बात सामने आई। मांगों में लंबित DA, वेतन आयोग के बकाये, OPS और अन्य सेवा संबंधी मुद्दे शामिल रहे।
अब कर्मचारी संगठनों ने सरकार को 7 सितंबर तक मांगों पर कार्रवाई का समय दिया था। मांगें पूरी न होने पर 8 सितंबर को फिर सामूहिक अवकाश और प्रदर्शन का ऐलान किया गया। इसके अलावा मंत्रियों और आप विधायकों के आवासों के बाहर प्रदर्शन तथा 10 अक्टूबर को संगरूर में महा रैली की घोषणा भी की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव को और तेज कर दिया है। फूलों से हुआ स्वागत अब नारों में बदल चुका है और DA-OPS का मुद्दा पंजाब की सियासत में भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
8 नवंबर 2023 से 18 दिसंबर 2023 तक चली मंत्रीस्तरीय कर्मचारियों की हड़ताल के बाद जुलाई 2022 से संबंधित 4 फीसदी DA की एक किस्त जारी हुई। कर्मचारी संगठनों के मुताबिक इसके बाद की DA किस्तें लंबित रहीं।
अदालत भी दे चुकी है सरकार को समय
मार्च 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने संशोधित पेंशन, DA के लंबित बकाये और संबंधित देय राशि के भुगतान को लेकर सरकार को निर्देश दिए थे। बाद में 3 अगस्त 2026 के आदेश में भी अदालत के पहले निर्देशों का उल्लेख हुआ, जिसमें लंबित DA/DR किस्तों और पेंशन संबंधी बकाये के भुगतान की बात थी।
8 सितंबर को फिर सड़कों पर कर्मचारी
कर्मचारी संगठनों के ताजा कार्यक्रम के अनुसार एनएचएम कर्मचारी 8 सितंबर कोसेहत मंत्री के हलके पटियाला में प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, दूसरे संगठनों ने 10 अक्टूबर को संगरूर में महा रैली करने का ऐलान किया है।






