लापरवाही बरतने वाले और अवैध निर्माण की अनुमति देने वाले अधिकारियों को बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू
नई दिल्ली (हिमांशु शर्मा, जागरूक पंजाब)
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन (साउथ कैंपस के पास) इलाके में रविवार दोपहर एक बहुमंजिला इमारत गिरने से हुए भीषण हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बड़ा फैसला लिया है। एमसीडी ने दिल्ली भर में 4 मंजिल (Ground+4) से अधिक की सभी अवैध इमारतों को तत्काल प्रभाव से सील करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले और अवैध निर्माण की अनुमति देने वाले अधिकारियों को बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
हादसे में 7 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी सत्य निकेतन के P-14 ब्लॉक में स्थित लगभग 30 साल पुरानी यह इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के बॉयज पीजी (PG) के रूप में किया जा रहा था। हादसे के समय इमारत में और उसके बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। एनडीआरएफ (NDRF), दिल्ली पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमों द्वारा चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 7 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि 10 से अधिक घायलों को बचाकर एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
प्रशासनिक फरमान और कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
तत्काल सीलिंग के आदेश: एमसीडी की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली में 4 मंजिल से ऊपर बने ऐसे सभी अवैध ढांचे जो बिल्डिंग बाय-लॉज का उल्लंघन करते हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से सील किया जाएगा।
अधिकारियों पर गाज: इस पूरे मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए प्रशासन ने लापरवाही के आरोप में दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत एमसीडी के 5 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
दोषी अधिकारियों की बर्खास्तगी: एमसीडी ने चेतावनी दी है कि जांच में जिन भी अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही पाई जाएगी, उन्हें नौकरी से तत्काल बर्खास्त किया जाएगा।
भवन मालिक पर FIR: दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक (हरिराम) और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। जांच में सामने आया है कि 55 वर्ग गज के इस प्लॉट पर बिना स्वीकृत नक्शे (Sanctioned Plan) के 5 मंजिलें खड़ी कर दी गई थीं और बेसमेंट में अनधिकृत निर्माण किया जा रहा था।
नगर निगम और दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली के अन्य भीड़भाड़ वाले और शैक्षणिक इलाकों (जैसे जीटीबी नगर, मुखर्जी नगर, सत्य निकेतन) में बनी पीजी इमारतों की सुरक्षा और वैधता की जांच का अभियान तेज कर दिया गया है।






