
जालंधर (जागरूक पंजाब ब्यूरो) : पवित्र सावन महीने के पहले सोमवार के अवसर पर आज तमाम शिव मंदिरों में अगाध श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह के तड़के से ही शिवालयों के बाहर भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। शहर के भाई दित्त सिंह नगर स्थित प्रसिद्ध श्रीराम मंदिर में सावन के पहले सोमवार को लेकर विशेष प्रबंध किए गए थे, जहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने महादेव के चरणों में शीश नवाया।
भोर से ही शुरू हुआ जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना
श्रीराम मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मुरलीधर ने जानकारी देते हुए बताया कि सावन के इस पावन सोमवार का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। मंदिर के कपाट तड़के ही भक्तों के लिए खोल दिए गए थे। पंडित मुरलीधर के अनुसार, सुबह से ही भक्तजन पूरी श्रद्धा के साथ भगवान आशुतोष का गंगाजल, दूध, दही, शहद और घृत से अभिषेक कर रहे हैं। महादेव को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र, भांग, धतूरा और मदार के फूल अर्पित किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर लगातार ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गुंजायमान है, जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया है। सावन के पूरे महीने मंदिरों में विशेष आरती और शिव पुराण का पाठ किया जाएगा, और प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव का भव्य शृंगार भी होगा।
सुरक्षा और सुचारू दर्शन के विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शहर के विभिन्न मंदिरों में सुरक्षा के इंतजाम किए गए। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है ताकि बुजुर्गों और बच्चों को दर्शन करने में कोई असुविधा न हो।
नॉलेज बॉक्स: सावन के सोमवार का धार्मिक महत्व
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क्यों खास है सावन? पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में ही माता पार्वती ने कठिन तपस्या करके भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था।
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जलाभिषेक का महत्व: समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को पीने के बाद महादेव का कंठ शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया था, इसीलिए सावन में जलाभिषेक का अत्यधिक महत्व है।
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मनोकामना पूर्ति: माना जाता है कि सावन के सोमवार का व्रत रखने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

