रंदीप सिंह देओल, मनिंदर सिंह कपियल और जतिंदर कालड़ा से सात दिन में मांगा जवाब; पार्टी लाइन के विपरीत बयान देने का आरोप
चंडीगढ़/संगरूर: पंजाब भाजपा की अनुशासन समिति ने 25 अगस्त को संगरूर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस पाने वालों में भाजपा के पूर्व संगरूर जिला अध्यक्ष रंदीप सिंह देओल, पूर्व संगरूर जिला अध्यक्ष मनिंदर सिंह कपियल और भाजपा पंजाब के पूर्व स्टेट सेल्स कोऑर्डिनेटर जतिंदर कालड़ा शामिल हैं।
भाजपा की अनुशासन समिति के अनुसार, तीनों नेताओं ने 25 अगस्त को संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की अथवा उसमें हिस्सा लिया और पार्टी के आंतरिक एवं संगठनात्मक मामलों से संबंधित ऐसे बयान दिए, जो भाजपा की स्थापित पार्टी लाइन और अनुशासन के विपरीत थे। समिति ने इस आचरण को प्रथम दृष्टया पार्टी की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और संगठनात्मक छवि के लिए प्रतिकूल माना है।
नोटिस 27 अगस्त को पंजाब भाजपा अनुशासन समिति के चेयरमैन सोम प्रकाश की ओर से जारी किए गए। तीनों नेताओं को नोटिस प्राप्त होने के सात दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। उनसे यह भी पूछा गया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी व्यक्तिगत भूमिका क्या थी, उन्होंने कौन-कौन से बयान दिए और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का उद्देश्य क्या था।
मामले की पृष्ठभूमि में भाजपा पंजाब में हालिया संगठनात्मक बदलाव भी महत्वपूर्ण हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, संगरूर में 25 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असंतुष्ट नेताओं ने ‘Punjab BJP Bachao Yatra’ की घोषणा की थी। रंदीप सिंह देओल ने छह जिला अध्यक्षों को हटाए जाने के फैसले पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि यह प्रक्रिया पार्टी संविधान के अनुरूप नहीं हुई। मनिंदर सिंह कपियल भी उन जिला अध्यक्षों में शामिल थे जिन्हें संगठनात्मक बदलाव के दौरान हटाया गया।
अनुशासन समिति ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर भाजपा के संविधान और नियमों के तहत उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस की प्रतियां भाजपा पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया, सह-प्रभारी डॉ. नरेंद्र सिंह रैना, प्रदेश अध्यक्ष एस. के.वल सिंह ढिल्लों और महामंत्री (संगठन) मंत्री श्रीनिवासुलु को भी भेजी गई हैं।






