मृतक के पास नहीं मिला पहचान पत्र
जालंधर (जागरूक पंजाब): शहर के मदन फ्लोर मिल चौक पर शनिवार दोपहर करीब 1:00 बजे एक बेहद भयानक सड़क हादसा पेश आया। तेज रफ्तार करतार बस (PB 08 CB 5851) ने एक स्कूटर सवार को बुरी तरह रौंद दिया। हादसा इतना भीषण था कि स्कूटर सवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। हालांकि, मृतक की जेब या सामान से कोई ऐसा पहचान पत्र नहीं मिल सका, जिससे उसकी शिनाख्त की जा सके। स्कूटर के आगे एक फूड डिलीवरी का बैग बंधा हुआ था और पास ही उसका हेलमेट गिरा पड़ा था, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि वह डिलीवरी का काम करता था। इस दौरान एक बेहद शर्मनाक बात भी सामने आई कि हादसे के तुरंत बाद कोई अज्ञात शख्स मृतक का मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर कार्रवाई और पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

इंसानियत शर्मसार: बंदा मर गया और हो गया मोबाइल चोरी का ‘घिनौना खेल’
सड़क पर बिखरा खून, पास ही पड़ा डिलीवरी बैग और सड़क पर दम तोड़ चुका एक इंसान… यह नजारा किसी का भी दिल दहलाने के लिए काफी था। लेकिन अफसोस! इस दिल दहला देने वाली त्रासदी के बीच भी समाज का एक ऐसा घिनौना चेहरा सामने आया, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। जिस वक्त किसी का बेटा, किसी का पिता या भाई दम तोड़ चुका था तो मदद का हाथ बढ़ाने के बजाय कोई शातिर उसका मोबाइल चुराकर फरार हो गया। वही मोबाइल, जो शायद उसके रोते-बिलखते परिवार तक उसकी मौत की खबर पहुंचा सकता था; वही मोबाइल, जो उसकी पहचान बन सकता था।
हादसों में घायलों की मदद करने के बजाय तस्वीरें खींचना, वीडियो बनाना और सामान पर हाथ साफ करना- यह बताता है कि हम एक समाज के तौर पर किस कदर संवेदनहीन हो चुके हैं। किसी घर का चिराग बुझ गया, कोई शाम को उसके घर लौटने का इंतजार कर रहा होगा, और कोई इतना गिरा हुआ निकला कि शव के पास से भी चोरी करने से बाज नहीं आया। यह हादसा सिर्फ एक जिंदगी का अंत नहीं, बल्कि बची-खुची इंसानियत की भी मौत है।




