क्लब सेक्रेटरी अमित कुकरेजा बोले- नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं हुआ
जालंधर ( मनदीप शर्मा जागरूक पंजाब) : शहर के प्रतिष्ठित जिमखाना क्लब में मर्यादाओं और धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। क्लब परिसर में आयोजित एक आयोजन के दौरान श्री गुरु नानक देव जी की पवित्र पावन पंक्ति (शबद) “नानक दुखिया सब संसार” को एक गायक द्वारा गीत और फिल्मी धुन के रूप में पेश किया गया। इतना ही नहीं, इस पवित्र शबद की तर्ज पर बने गाने पर क्लब के सदस्यों (मेंबर्स) ने जमकर ठुमके लगाए।
मर्यादाओं का हनन करने वालों पर पर्चा दर्ज करवा कर रहेंगे : सिख तालमेल कमेटी
उधर इस संबंध में सिख तालमेल कमेटी के सीनियर मेंबर हरप्रीत सिंह नीटू ने शाम 4:30 बजे बताया कि वह थाना-4 में है और क्लब के मेंबर्स पर प्रचार दर्ज करवा कर रहेंगे। उन्होंने कहा कि सिख मर्यादाओं के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बढ़ती जाएगी। हरप्रीत सिंह नीटू ने कहा कि गायक और जिमखाना क्लब जालंधर की पूरी टीम के खिलाफ थाना पुलिस डिविजन नंबर 4 में शिकायत दे दी गई है।
गौरतलब है कि इस घटना का वीडियो सार्वजनिक होते ही सिख समाज, धार्मिक संगठनों और शहर के संभ्रांत वर्ग में गहरा आक्रोश फैल गया है। गुरबाणी की पवित्र पंक्तियों का इस तरह क्लब संस्कृति में मनोरंजन के लिए इस्तेमाल करने को धार्मिक मर्यादाओं का घोर उल्लंघन और आस्था पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
धार्मिक पक्ष: आस्था और मर्यादा पर गहरा आघात
धार्मिक जानकारों और सिख विद्वानों का कहना है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में दर्ज बाणी समस्त मानवता को आध्यात्मिक शांति और मार्ग दिखाने वाली है। “नानक दुखिया सब संसार” एक अत्यंत गंभीर और आध्यात्मिक शबद है। इसे किसी क्लब या पार्टी में गानों की तर्ज पर गाना और उस पर डांस करना गुरबाणी का सीधा अनादर (बेअदबी) है। धार्मिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि इस तरह का कृत्य समाज में शांति और सौहार्द को बिगाड़ सकता है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कानूनी पक्ष: क्या हो सकती है सख्त कार्रवाई?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, धार्मिक ग्रंथों, शबद या पंक्तियों का इस तरह मनोरंजन के लिए व्यावसायिक या अमर्यादित इस्तेमाल करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है:
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 (पूर्व में IPC 295A): किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर या दुर्भावनापूर्ण तरीके से आहत करने पर यह धारा लागू होती है। यह एक गैर-जमानती अपराध है, जिसके तहत 3 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (पूर्व में IPC 153A): विभिन्न समूहों के बीच धर्म या संस्कृति के आधार पर सौहार्द बिगाड़ने और दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में मामला दर्ज किया जा सकता है।
क्लब लाइसेंस व प्रबंधन पर कार्रवाई: जिला प्रशासन (डिप्टी कमिश्नर) क्लब में ऐसी अमर्यादित गतिविधियों की अनुमति देने के लिए नोटिस जारी कर सकता है। आबकारी व मनोरंजन लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ क्लब की कार्यकारिणी (एग्जीक्यूटिव कमेटी) पर कार्रवाई की जा सकती है।
सदस्यता रद्दीकरण: क्लब के बाय-लॉज के अनुसार, समाज में शांति और धार्मिक मर्यादा भंग करने में शामिल सदस्यों की सदस्यता तुरंत प्रभाव से रद्द की जा सकती है।
धार्मिक संगठनों ने मांग की है कि पुलिस प्रशासन तुरंत इस घटना का संज्ञान ले और गायक, आयोजकों व इस कृत्य में शामिल क्लब मेंबर्स के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करे।
क्लब सेक्रेटरी अमित कुकरेजा बोले- नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं हुआ
इस संबंध में जब जिमखाना क्लब के सेक्रेटरी अमित कुकरेजा से बात की गई तो उन्होंने कहा- नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं हुआ। फिर बोले हमने एक सिंगर हायर किया था उसने प्रोग्राम के दौरान गा दिया तो सब नाच रहे थे। उसने माफी मांग ली है।






