एक तरफ पार्टी का पुराना और वफादार चेहरा, तो दूसरी तरफ कांग्रेस से आप में आए नेता की हलके में गतिविधियां
जालंधर (मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब) : पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों की आहट के बीच जालंधर कैंट हलके में आम आदमी पार्टी की अंदरूनी सियासत गरमाने लगी है। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि इस बार कैंट हलके से AAP का चेहरा कौन होगा— पंजाब एग्री एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (PAGREXCO) के चेयरमैन मंगल सिंह बस्सी या पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह ‘काकू’ आहलूवालिया? हालांकि पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर किसी उम्मीदवार का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन दोनों नेताओं की सक्रियता से हलके की राजनीति में दावेदारी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मंगल सिंह बस्सी: AAP का पुराना संगठन चेहरा और जमीनी पकड़
मंगल सिंह बस्सी को जालंधर में आम आदमी पार्टी के पुराने और वफादार कार्यकर्ताओं में गिना जाता है। पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए 2022 में उन्हें PAGREXCO का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। कैंट हलके की जमीनी राजनीति में वे लंबे समय से सक्रिय हैं। 2026 के दौरान भी सोशल मीडिया और धरातल पर कैंट हलके के लोगों से उनका लगातार जुड़ाव और राजनीतिक कार्यक्रम देखे गए हैं। लगातार हलके में मौजूदगी दर्ज कराने के कारण उन्हें टिकट का एक मजबूत और स्वाभाविक दावेदार माना जा रहा है।
काकू आहलूवालिया: कांग्रेस से आप में आए, नई जिम्मेदारी के साथ सक्रियता
गगनदीप सिंह ‘काकू’ आहलूवालिया ने हाल के महीनों में अपनी राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। काकू का परिवार लंबे समय से जालंधर की राजनीति से जुड़ा रहा है। मार्च 2026 में पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन का पद संभालने के बाद से उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है। जून 2026 में कैंट क्षेत्र से जुड़े युवाओं को पार्टी और अपने साथ जोड़ने के उनके प्रयासों को सीधे तौर पर कैंट हलके में अपनी जमीन तैयार करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व के सामने संतुलन की चुनौती 2027 के चुनाव में कैंट सीट पर AAP के लिए टिकट का फैसला बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। पार्टी को एक तरफ लंबे समय से संगठन से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को साधना होगा, तो दूसरी तरफ मजबूत पारिवारिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले चेहरों के प्रभाव को भी ध्यान में रखना होगा। फिलहाल दोनों ही चेयरमैन अपनी-अपनी तरह से कैंट हलके में सक्रिय हैं, लेकिन अंतिम मुहर पार्टी हाईकमान को ही लगानी है।
JIT विवाद: दलजीत सिंह आहलूवालिया के कार्यकाल से जुड़ा 120 फाइलों का मामला
जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से रिकॉर्ड गायब होने पर दर्ज हुई थी FIR
गगनदीप सिंह ‘काकू’ आहलूवालिया के पिता दलजीत सिंह आहलूवालिया जालंधर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष (शहरी) और करतारपुर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के अलावा जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (JIT) के चेयरमैन भी रह चुके हैं। उनके JIT चेयरमैन रहते हुए 2022 में ट्रस्ट के रिकॉर्ड से जुड़ा एक विवाद मीडिया की सुर्खियों में आया था। स्थानीय निकाय विभाग की जांच के दौरान JIT की करीब 120 महत्वपूर्ण फाइलें (जिन्हें डिस्पैच रजिस्टर, कैशबुक, बिक्री फाइलें और रसीद पुस्तिकाएं बताया गया था) गायब पाई गई थीं। 28 अप्रैल 2022 को स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव के निर्देश पर तत्कालीन चेयरमैन दलजीत सिंह आहलूवालिया और वरिष्ठ सहायक अजय मल्होत्रा के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। यह शिकायत ट्रस्ट के तत्कालीन EO परमिंदर सिंह गिल द्वारा भेजी गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला चेयरमैन और EO के बीच चल रहे प्रशासनिक तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आया था। हालांकि बाद में जांच के दौरान गायब 120 फाइलों में से करीब 70 फाइलें ट्रस्ट के ही रिकॉर्ड रूम से बरामद कर ली गई थीं।






