425 एडेड स्कूलों के 1,400 कर्मचारी 9 माह से वेतन को तरसे, पत्नियों के गहने बेचकर या गिरवी रखकर घर चलाने को मजबूर होने का यूनियन का दावा
जालंधर (मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब) : पंजाब के सरकारी सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूलों के कर्मचारियों और पेंशनर्स की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। यूनियन का आरोप है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दो बार मामला जीतने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से 6वें पे-कमीशन के बकाया भुगतान को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। यूनियन नेताओं के मुताबिक, सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा देकर एडेड स्कूलों के कर्मचारियों और पेंशनर्स को सरकारी स्कूलों के कर्मचारियों की तर्ज पर 6वें पे-कमीशन का एरियर देने की बात कही थी, लेकिन अब तक अप्रैल और जून 2026 से संबंधित बकाया भुगतान नहीं हुआ।
यूनियन का कहना है कि सरकारी स्कूलों के कर्मचारियों और पेंशनर्स को संबंधित बकाया मिलना शुरू हो चुका है, जबकि एडेड स्कूलों के करीब 1,400 कर्मचारी और लगभग 12,000 पेंशनर्स इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों का दावा है कि करीब 9 महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
425 स्कूलों तक सिमटी संख्या
यूनियन के अनुसार पंजाब में वर्ष 1967 में 512 एडेड स्कूल थे। कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद नई नियुक्तियां नहीं होने से करीब 87 स्कूल बंद हो गए और अब इनकी संख्या 425 रह गई है। कभी इन स्कूलों में करीब 9,468 पद स्वीकृत थे, लेकिन 2003 के बाद नई भर्ती नहीं होने से बड़ी संख्या में पद खाली होते चले गए।
आर्थिक संकट गहराने का दावा
यूनियन नेताओं के मुताबिक, वेतन नहीं मिलने से कई कर्मचारी घरेलू खर्च, बच्चों की फीस और अन्य जरूरी जरूरतें पूरी करने के लिए पत्नियों के गहने बेचने या गिरवी रखने तक को मजबूर हैं। कुछ कर्मचारियों पर रिश्तेदारों से उधार मिलने के रास्ते बंद होने के बाद ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेने की नौबत आने का भी दावा किया गया है। बैंक की किस्तें नहीं भर पाने वाले कुछ कर्मचारियों को नोटिस मिलने की बात भी यूनियन ने कही है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं हुआ और हाईकोर्ट में दिए गए हलफनामे के मुताबिक 6वें पे-कमीशन का एरियर नहीं दिया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
यूनियन की प्रमुख मांगें
- पिछले महीनों का लंबित वेतन तुरंत जारी किया जाए।
- रिटायर्ड कर्मचारियों के PPO जारी किए जाएं।
- 6वें पे-कमीशन का एरियर सरकारी कर्मचारियों के साथ दिया जाए।
- एडेड स्कूल कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों का समाधान किया जाए।
एडेड स्कूलों की स्थिति
1967: 512 स्कूल
अब: 425 स्कूल
स्वीकृत पद: करीब 9,468
कर्मचारी: करीब 1,400
पेंशनर्स: करीब 12,000
वेतन लंबित: करीब 9 माह, यूनियन के अनुसार
‘सरकारी स्कूलों में मर्ज किया जाए’
यूनियन के राज्य प्रधान गुरमीत सिंह मदनीपुर, महासचिव शरणजीत सिंह कादीमाजरा और पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रधान गुरचरन सिंह चहल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से एडेड स्कूल कर्मचारियों को सरकारी स्कूलों में मर्ज करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों को सरकारी स्कूलों के स्टाफ के समान लाभ मिल सकेंगे और एडेड स्कूलों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान हो सकता है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार ने चुनावी घोषणा-पत्र में भी एडेड स्कूलों के शिक्षकों व स्टाफ को सरकारी स्कूलों के समान लाभ देने का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए।






