क्या अगला सफर आम आदमी पार्टी से होगा…
जालंधर (मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब) : जालंधर की राजनीति में अरविंद मिश्रा का नाम एक बार फिर चर्चा में है। अलग-अलग राजनीतिक दलों में सक्रिय रहे मिश्रा अब भाजपा की कार्रवाई के बाद पार्टी से बाहर हो गए हैं। उनका राजनीतिक सफर शिवसेना से शुरू होकर यूथ अकाली दल और कांग्रेस तक पहुंचा और बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थामा। अब भाजपा जालंधर शहरी की ओर से 2 सितंबर 2026 को जारी पत्र के जरिए उन्हें पार्टी से निष्कासित किए जाने की पुष्टि की गई है।
भाजपा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मिश्रा की ओर से लगातार ऐसी गतिविधियां की जा रही थीं, जिनसे पार्टी की छवि खराब हो रही थी। इसी को कार्रवाई का आधार बताते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया गया। पत्र में यह भी कहा गया है कि इसके बाद अरविंद मिश्रा की किसी भी कार्रवाई से भाजपा का कोई संबंध नहीं होगा।
पहले भी विवादों से रहा है नाता
मिश्रा इससे पहले बाठ कैसल प्रकरण को लेकर भी विवादों में रह चुके हैं। 2023 में सामने आए विजिलेंस मामले में उनका नाम आया था। उस समय भाजपा के तत्कालीन जालंधर शहरी प्रधान सुशील शर्मा ने यह भी कहा था कि विजिलेंस कार्रवाई के समय मिश्रा भाजपा के सदस्य नहीं थे। बाद में राजनीतिक घटनाक्रम में वह भाजपा से जुड़े।
बाठ कैसल से जुड़े विवाद के अलावा मिश्रा की पत्नी का नाम भी एक अलग मामले में सामने आया था। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, उनके खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ था और उन्होंने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी।
बुधवार को भाजपा से निष्कासन के बाद मिश्रा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब भाजपा प्रधान से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।






