होशियारपुर/चंडीगढ़, 18 जुलाई (जागरूक पंजाब): पंजाब की राजनीति में शनिवार को एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला। होशियारपुर से पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अलविदा कहते हुए अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस में ‘घर वापसी’ कर ली है। पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए दिग्गजों में से अरोड़ा की यह वापसी कांग्रेस के लिए एक बड़ी मजबूती मानी जा रही है।
प्रभारी देवेंद्र यादव ने करवाई जॉइनिंग, राजा वडिंग और बाजवा ने किया स्वागत
सुंदर शाम अरोड़ा को नई दिल्ली/चंडीगढ़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पंजाब मामलों के इंचार्ज देवेंद्र यादव ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवाई। कांग्रेस में शामिल होने के बाद अरोड़ा ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से मुलाकात की। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने सिरोपा भेंट कर अरोड़ा की घर वापसी का स्वागत किया और कहा कि इससे पार्टी को जमीनी स्तर पर बल मिलेगा।
होशियारपुर के वर्करों में उत्साह, बधाइयों का तांता
सुंदर शाम अरोड़ा के दोबारा कांग्रेस में शामिल होते ही दोआबा क्षेत्र, खासकर होशियारपुर में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। घर वापसी की खबर सार्वजनिक होते ही उनके हलके के नेता और कार्यकर्ता उन्हें फोन पर और सोशल मीडिया के जरिए बधाइयां दे रहे हैं। समर्थकों का मानना है कि अरोड़ा के आने से होशियारपुर में कांग्रेस का खोया हुआ जनाधार वापस लौटेगा।
घर वापसी पर कांग्रेस के अंदरूनी हलकों में विरोध भी शुरू (सूत्र)
वहीं दूसरी तरफ, सूत्रों के हवाले से खबर है कि सुंदर शाम अरोड़ा की कांग्रेस में यह अचानक एंट्री पार्टी के ही कुछ स्थानीय नेताओं और पुराने टकसाली कार्यकर्ताओं को रास नहीं आ रही है। अंदरूनी हलकों में इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। विरोध करने वाले नेताओं का तर्क है कि संकट के समय पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को इतनी आसानी से वापस नहीं लिया जाना चाहिए था।
नॉलेज बॉक्स: कौन हैं सुंदर शाम अरोड़ा और क्यों अहम है इनकी वापसी?
राजनीतिक कद: सुंदर शाम अरोड़ा कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार (2017-2022) में उद्योग और वाणिज्य मंत्री (INDUSTRY & COMMERCE MINISTER) रहे हैं। वह होशियारपुर से विधायक चुने गए थे।
भाजपा का सफर: साल 2022 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद, जून 2022 में वे कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ और मनप्रीत बादल जैसे बड़े नेताओं के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
विवादों से नाता: कांग्रेस सरकार के समय हुए कथित ‘इंडस्ट्रियल प्लॉट घोटाले’ को लेकर पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उन पर केस दर्ज किया था। इसके अलावा एक विजिलेंस अधिकारी को रिश्वत देने के आरोप में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। अब उनकी वापसी से दोआबा की सियासत में नए समीकरण बनेंगे।

