श्रीराम शरणम आश्रम शास्त्री चौक जालंधर में हुआ श्री अमृतवाणी पाठ और सत्संग; 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर गीता पाठ की पूर्णाहूति
जालंधर (मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब) : श्रीराम शरणम आश्रम, शास्त्री चौक जालंधर में रविवार को गुरु महाराज और पूज्य गुरु मां जी के आशीर्वाद से श्री अमृतवाणी पाठ एवं श्रीमद्भगवद्गीता जी के तीसरे अध्याय का पाठ किया गया। इस दौरान महिला श्रद्धालुओं ने ‘कृष्ण जिनका नाम है, गोकुल जिनका धाम है’ भजन प्रस्तुत किया, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे। इसके बाद ‘हे गोपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद’ की धुन से वातावरण भक्तिमय हो गया।
श्री अमृतवाणी पाठ के बाद पूज्य मां जी के भक्त श्री बाल कृष्ण जी ने भजन का व्याख्यान करते हुए श्रीमद्भगवद्गीता जी का सार श्रद्धालुओं के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि संसार का सबसे महान ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता जी है। ज्यों-ज्यों इंसान इसे पढ़ता जाता है, उसका ज्ञान आगे ही आगे बढ़ता चला जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान ने इस ग्रंथ में क्या-क्या समेट दिया है, इसे समझना आसान नहीं है। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद के बारे में भी बताया गया।
पूज्य मां जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चयनित साधकों को 6 सितंबर को दोपहर 2 बजे तक पानीपत पहुंचना है। साधकों को अपने साथ बर्तन, बिछाने व ओढ़ने के लिए चादर तथा भक्ति प्रकाश ग्रंथ जरूर ले जाना है। जो साधक ट्रेन से जाना चाहते हैं, वे आश्रम में सेवादारों से संपर्क कर सीट बुक करवा सकते हैं। स्वयं जाने वाले साधक अपने नाम पर टिकट जरूर करवाएं। पूज्य मां जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में जिन साधकों के नाम चयनित हुए हैं, उनमें महिलाओं में रेखा सलारिया जी, लक्ष्मी मनकोटिया जी, आरती शर्मा जी, संतोष शर्मा जी व अन्य शामिल हैं। इसी प्रकार पुरुषों में जयपाल गुप्ता जी, सुशील भारद्वाज जी, रवि शर्मा जी, वासुदेव भनोट जी, हेमंत सिक्का जी, सतीश अरोड़ा जी और एम शर्मा जी व अन्यों के नाम शामिल हैं। सभी साधकों को 6 सितंबर को दो बजे तक पानीपत पहुंचना है। अपने साथ बर्तन, बिछाने व ओढ़ने के लिए चादर और बर्तन के साथ-साथ भक्ति प्रकाश ग्रंथ जरूर लेकर जाना है। जो साधक ट्रेन में जाना चाहते हैं, वे आश्रम में सेवादारों से मिलकर सीट बुक करवा सकते हैं। अगर खुद भी जाना है तो अपने नाम पर टिक जरूर करवाएं।
अंत में ‘जय जय राधा रमण हरि बोल’ और ‘जय गोविंद जय गोपाल’ की धुन के साथ सत्संग को विराम दिया गया।
पानीपत जाने वाले साधक ध्यान रखें
- पहुंचने का समय: 6 सितंबर, दोपहर 2 बजे तक
- साथ ले जाएं: बर्तन, बिछाने व ओढ़ने के लिए चादर और भक्ति प्रकाश ग्रंथ
- ट्रेन से जाने वाले: आश्रम के सेवादारों से मिलकर सीट बुक करवा सकते हैं
- स्वयं जाने वाले: अपने नाम पर टिकट जरूर करवाएं
4 सितंबर को श्रीमद्भगवद्गीता जी के पाठ की पूर्णाहूति
जन्माष्टमी के दिन 4 सितंबर को श्रीमद्भगवद्गीता जी के पाठ की पूर्णाहूति होगी। इस अवसर पर सुबह 8 से 9 बजे तक सत्संग होगा।






