लंबे समय से लटकी मांगों को लेकर NHM कर्मचारियों ने डिप्टी कमिश्नर को सौंपा मांग पत्र, मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
जालंधर/रूपनगर (मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब) : NHM एम्प्लॉइज यूनियन पंजाब, जिला जालंधर के प्रतिनिधियों ने आज डिप्टी कमिश्नर से मुलाकात कर नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कार्यरत कर्मचारियों की लंबे समय से लटकी पड़ी मांगों के संबंध में एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। यूनियन नेताओं ने कहा कि NHM कर्मचारी पिछले लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपने हक की मांगों के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।
यूनियन ने डिप्टी कमिश्नर के ध्यान में लाया कि NHM कर्मचारियों द्वारा कोविड-19 महामारी सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, NCD, TB, ABDM और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभाई जा रही हैं। नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जमीनी स्तर पर कारगुजारी को मजबूत बनाने में NHM स्टाफ का बड़ा योगदान है, इसलिए उनकी जायज मांगों का तुरंत समाधान किया जाना चाहिए।
समान काम-समान वेतन और रेगुलराइजेशन मुख्य मांगें
मांग पत्र के माध्यम से कर्मचारियों ने अपनी मुख्य मांगों में समान काम समान वेतन, लॉयल्टी बोनस, रेगुलराइजेशन, वेतन में वाजिब बढ़ोतरी, सेवा नियमों में सुधार, सालाना बढ़ोतरी, उम्र सीमा में बढ़ोतरी सहित अन्य मुद्दों का जिक्र किया। यूनियन नेताओं ने कहा कि एक जैसी जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद NHM कर्मचारियों को कई मामलों में अन्य सरकारी कर्मचारियों के मुकाबले कम सेवा लाभ मिल रहे हैं, जो कि कर्मचारियों के साथ सरासर बेइंसाफी है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों के संबंध में सरकार और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ अनेक बार बातचीत हो चुकी है, परंतु इस सरकार द्वारा साढ़े चार साल का समय बीत जाने के बावजूद भी NHM कर्मचारियों की किसी मांग के प्रति कोई गंभीरता भरा रवैया नहीं दिखाया गया है। मांगों का ठोस और स्थायी समाधान न होने के कारण कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
2 सितंबर की बैठक में हल न निकला तो होगा तीखा प्रदर्शन
यूनियन ने डिप्टी कमिश्नर से अपील की कि वे NHM कर्मचारियों की मांगों को सरकार और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाते हुए इनके जल्द समाधान के लिए प्रभावी हस्तक्षेप करें। यूनियन नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि लंबे समय से लटकी मांगों का निपटारा 02 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री पंजाब के साथ होने वाली पैनल बैठक में नहीं किया गया, तो यूनियन को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को और तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसके तहत आने वाले दिनों में वे MD NHM के दफ्तर, वित्त मंत्री पंजाब और स्वास्थ्य मंत्री पंजाब के खिलाफ तीखा रोष प्रदर्शन करेंगे।
इस अवसर पर यूनियन नेता डॉ. पंखुड़ी, डॉ. सुमीत कपाही, परमवीर जी, डॉ. योगेश, पवन जी आदि उपस्थित थे।





