पंजाब सरकारके खिलाफ की नारेबाजी, मांगें पूरी करने की मांग रखी

जालंधर (मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब) : नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) एम्प्लॉईज यूनियन पंजाब ने अपनी लंबे समय से लंबित और जायज मांगों की पूर्ति के लिए जारी आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष संदीप कौर ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का ठोस और संतोषजनक समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और व्यापक व कड़ा रूप दिया जाएगा। यूनियन द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 24 अगस्त से 28 अगस्त 2026 तक विभिन्न चरणों में आंदोलन की रूपरेखा तय की गई है। इस बारे में जानकारी डॉ. पंखुड़ी ने जागरूक पंजाब के साथ साझा की।
बैठक स्थगित होने से बढ़ा आक्रोश
यूनियन के अनुसार, पंजाब के सभी एनएचएम कर्मचारी पिछले कई दिनों से हड़ताल पर हैं और अपने-अपने जिलों में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन मांगों के संबंध में 24 अगस्त 2026 को पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री के साथ एक पैनल बैठक तय की गई थी। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार उनकी समस्याओं का हल निकालेगी, लेकिन सरकार ने इस बैठक को 24 अगस्त के बजाय अब 28 अगस्त 2026 तक स्थगित कर दिया है। यूनियन का कहना है कि हाल ही में पंजाब के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव के साथ हुई बैठक में मांगों पर चर्चा हुई थी और दोबारा बैठक का आश्वासन दिया गया था। उसी भरोसे पर कर्मचारी इंतजार कर रहे थे, लेकिन बैठक टलने से उनमें भारी रोष व्याप्त हो गया है।
जमीनी स्तर पर अहम भूमिका, फिर भी अनदेखी
यूनियन नेताओं ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लागू करने और लोक-कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में अहम योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद उनकी सेवा और रोजगार से जुड़ी मांगों का स्थायी समाधान न होना सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
आंदोलन की आगे की रणनीति
सांकेतिक समर्थन और प्रदर्शन: यूनियन ने चेतावनी दी है कि 28 अगस्त तक बैठक टलने के विरोध में ‘पंजाब बंद’ का सांकेतिक रूप से समर्थन किया जाएगा और जिला स्तरीय प्रदर्शनों को और मजबूत किया जाएगा। लिखित और ठोस फैसले की मांग: सरकार से मांग की गई है कि 28 अगस्त की बैठक को दोबारा न टाला जाए और केवल आश्वसन देने के बजाय लिखित में ठोस फैसले लिए जाएं। आर-पार की लड़ाई का ऐलान: अगर 28 अगस्त की बैठक में मांगों पर सकारात्मक और न्यायसंगत फैसला आता है, तो हड़ताल वापस लेने पर विचार हो सकता है। लेकिन अगर फिर से सिर्फ आश्वासन देकर समय बिताने की कोशिश की गई, तो कर्मचारी और ज्यादा उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
यूनियन ने राज्य भर के सभी एनएचएम कर्मचारियों से एकजुट होकर इस संघर्ष के हर चरण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।



