श्री सनातन धर्म समिति (पंजाब) ने महर्षि वेदव्यास के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और शास्त्रों के सम्मान का दिया संदेश
जालंधर : श्री सनातन धर्म समिति (पंजाब) ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर महर्षि वेदव्यास जयंती श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाने का आह्वान किया है। समिति की ओर से जारी संदेश में समस्त सनातन समाज से अपील की गई है कि इस अवसर पर भगवान वेदव्यास जी द्वारा रचित किसी एक ग्रंथ का पूजन कर उनके प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करें। महर्षि वेदव्यास ने वैदिक ज्ञान को व्यवस्थित रूप प्रदान करते हुए वेदों का विभाजन और नामकरण किया। साथ ही महाभारत, अठारह पुराण और ब्रह्मसूत्र जैसे ग्रंथों के माध्यम से सनातन संस्कृति के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। इसी कारण गुरु पूर्णिमा का पर्व महर्षि वेदव्यास को समर्पित माना जाता है।
समिति ने कहा कि शास्त्रों का सम्मान, गुरु परंपरा के प्रति आस्था और सनातन संस्कृति के मूल्यों का पालन समाज को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाता है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से गुरुजनों के प्रति सम्मान प्रकट करने तथा ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने का भी आग्रह किया है। संस्थापक अध्यक्ष रवि शंकर शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा एवं महर्षि वेदव्यास जयंती के अवसर पर शुभकामनाएं दीं एवं इस आयोजन में सहभागिता का आह्वान किया है।
संस्थापक अध्यक्ष रवि शंकर शर्मा ने कहा कि पंचम वेद महाभारत, अठारह पुराण ब्रह्म सूत्र की रचना कर समस्त वैदिक ज्ञान निधि को एक सूत्र में पिरोने वाले सूत्रधार महर्षि वेदव्यास जी की पावन जयन्ती गुरु पूर्णिमा (गुरू पूजा) के शुभ अवसर पर महर्षि वेदव्यास जी द्वारा रचित किसी एक ग्रंथ का पूजन कर गुरू पूजा मनायें। समस्त सनातन समाज से निवेदन के लिए एक बैठक रविवार दिनांक 19 जुलाई दोपहर 12 बजे श्री सत्यनारायण मन्दिर गोबिंदगढ़ मोहल्ला में श्री समीर शर्मा जी के सहयोग से रखी गई है। उन्होंने समस्त सनातनियों को बैठक में साथियों सहित पधारने का आग्रह किया है।

