जांच में 16 लाख रुपये की अवैध वसूली के आरोपों से जुड़े साक्ष्य मिलने का दावा; एफआईआर में नामजद कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी
जालंधर : भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में पुलिस विभाग ने इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। यह जानकारी जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस नोट में दी गई।
प्रेस नोट के अनुसार, कुछ मीडिया रिपोर्टों में अमेरिका से जुड़े एक हत्या के मामले में कथित वसूली के आरोप सामने आने के बाद गुरिंदरजीत सिंह नागरा को तत्काल प्रभाव से थाना टांडा के एसएचओ पद से हटाकर पुलिस लाइन, होशियारपुर स्थानांतरित कर दिया गया था। साथ ही, संबंधित हत्या मामले की जांच होशियारपुर जिले से बाहर तैनात एक आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई।
जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, वित्तीय लेनदेन, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया कि इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा पर अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से कथित रूप से अवैध धन की मांग करने, वसूली करने तथा 16 लाख रुपये की अवैध राशि स्वीकार करने के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
इसी आधार पर उन्हें एफआईआर नंबर 20, दिनांक 16 जनवरी 2026, थाना टांडा (होशियारपुर) में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 13 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308 के तहत नामजद किया गया। प्रेस नोट के अनुसार, उन्हें 17 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया है और आगे की जांच के लिए संबंधित न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
विभाग ने इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है। प्रेस नोट में कहा गया है कि मामले की जांच जारी है और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
खास बातें…
- एसएचओ टांडा के पद से हटाकर पुलिस लाइन, होशियारपुर भेजा गया।
- हत्या मामले की जांच जिले से बाहर तैनात आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई।
- जांच में 16 लाख रुपये की कथित अवैध वसूली के साक्ष्य मिलने का दावा।
- एफआईआर नंबर 20 (16 जनवरी 2026) में आरोपी के रूप में नामजद।
- 17 जुलाई 2026 को गिरफ्तारी, निलंबन और विभागीय कार्रवाई शुरू।

