जमानत रद्द होने या सजा पूरी होने के बाद होंगे भारत डिपोर्ट
कैलगरी पुलिस ने 15 आरोपियों के फोटो जारी कर जनता से मांगी मदद; सभी आरोपी स्टूडेंट वीजा या वर्क परमिट पर आए गैर-कनाडाई नागरिक
कैलगरी/कनाडा (जागरूक पंजाब न्यूज नेटवर्क) : कनाडा के कैलगरी में रह रहे पंजाबियों और दक्षिण एशियाई कारोबारी समुदाय को डरा-धमकाकर जबरन वसूली (Extortion) करने वाले गिरोह पर कैलगरी पुलिस सर्विस (CPS) ने बड़ा शिकंजा कसा है। पुलिस ने शहर में दहशत फैलाने और अंधाधुंध गोलीबारी करने के आरोप में कुल 16 लोगों के खिलाफ 56 गंभीर आपराधिक मामले (Charges) दर्ज किए हैं। पुलिस ने इस मामले में 15 आरोपियों के चेहरे और पहचान सार्वजनिक करते हुए स्थानीय जनता व भारतीय समुदाय से उनके बारे में जानकारी देने की अपील की है।
कैलगरी पुलिस सर्विस (CPS) का आधिकारिक स्रोत व बयान
स्रोत: कैलगरी पुलिस सर्विस (Calgary Police Service – CPS) आधिकारिक प्रेस वार्ता एवं ‘ऑपरेशनल/इंटेलीजेंस डिवीजन’ रिपोर्ट।
पुलिस अधीक्षक जेफ बेल (Superintendent Jeff Bell) का बयान:
“इस जांच के दौरान जिन 16 व्यक्तियों पर आरोप तय किए गए हैं, उनमें से एक भी कनाडाई नागरिक नहीं है। ये सभी युवा स्टूडेंट वीजा या वर्क परमिट के आधार पर कनाडा आए थे। आरोपियों में से केवल 1 व्यक्ति फिलहाल जेल में है, जबकि 15 आरोपी अदालत से जमानत पर बाहर आ चुके हैं। जमानत पर छूटे ये आरोपी समाज और जांच दोनों के लिए बड़ी चिंता का विषय हैं।”
इन गंभीर धाराओं के तहत तय हुए 56 आरोप
कनाडा की आपराधिक न्याय संहिता (Criminal Code of Canada) और कैलगरी पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों पर निम्नलिखित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं:
जबरन वसूली और धमकी (Extortion & Criminal Harassment): कारोबारियों और पंजाबियों के परिवारों को फोन और संदेश भेजकर मोटी रकम की मांग करना तथा मना करने पर जान से मारने की धमकी देना।
आग्नेयास्त्रों का जानलेवा इस्तेमाल (Reckless Discharge of Firearms): रिहायशी इलाकों में डराने के उद्देश्य से घरों, कारों और दुकानों पर अंधाधुंध फायरिंग करना।
संगठित गिरोहबंदी व षड्यंत्र (Conspiracy to Commit Indictable Offence): योजनाबद्ध तरीके से गिरोह बनाकर अपराध को अंजाम देना और फर्जी पहचान (Aliases) का इस्तेमाल करना।
संपत्ति को नुकसान और हमला (Mischief & Violent Assault): पीड़ितों को मानसिक और शारीरिक चोट पहुँचाने के इरादे से उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाना।
जांच में सामने आए प्रमुख तथ्य
49 घटनाएं और 19 गोलीबारी: अप्रैल 2025 से अब तक जबरन वसूली से संबंधित 49 वारदातें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 19 मामलों में सीधी गोलीबारी हुई। 18 मामलों में पीड़ितों के घरों/गाड़ियों को निशाना बनाया गया, जबकि 1 घटना में आरोपियों के बीच आपसी गैंगवार में गोलियां चलीं।
पहचान छिपाने का खेल: आरोपी अपने साथियों और रूममेट्स तक से अपनी असली पहचान छिपाकर फर्जी नामों का इस्तेमाल कर रहे थे।
प्रमुख आरोपियों की सूची
पुलिस द्वारा जारी 15 तस्वीरों में रवजोत टूर (20), जर्मनजीत सिंह (22), जसकरण सिंह (21), करनबीर सिंह (21), अमनदीप सिंह (21), अनुराग सिद्धू (21), ईशानदीप सिंह (19), अमनदीप मल्ही (39), संदीप सिंह (32), दक्ष गौतम (25), आकाशदीप सिंह (19), गगनदीप सिंह (29), परदीप सिंह (24), तरनवीर सिंह (24) और गुरकरण सिंह शामिल हैं।
आगे क्या हो सकता है? (भविष्य की कानूनी कार्रवाई व प्रभाव)
डिपोर्टेशन (देश निकाला): कनाडा के आव्रजन कानून (Immigration Act) के तहत, यदि गैर-कनाडाई नागरिक (स्टूडेंट या वर्क परमिट धारक) गंभीर अपराधों में दोषी पाए जाते हैं, तो सजा पूरी होने के बाद या जमानत रद्द होते ही उन्हें तुरंत भारत डिपोर्ट (निर्वासित) कर दिया जाएगा।
वीजा और वर्क परमिट रद्द होना: कनाडाई सीमा सेवा एजेंसी (CBSA) ऐसे आरोपियों का वीजा और वर्क परमिट स्थायी रूप से रद्द कर देगी, जिससे वे भविष्य में कभी कनाडा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
कड़े जमानत नियम: 15 आरोपियों के जमानत पर बाहर होने से स्थानीय समुदाय में रोष है। आने वाले दिनों में क्राउन प्रॉसीक्यूटर (सरकारी वकील) इनकी जमानत रद्द कराने के लिए ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
भारतीयों के लिए वीजा नियमों में सख्ती: इस तरह की घटनाओं के कारण आने वाले समय में कनाडाई दूतावास भारतीय युवाओं, विशेषकर पंजाब से जाने वाले छात्रों के वीजा और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की प्रक्रियाओं को और अधिक कड़ा कर सकता है।






