एयर इंडिया फ्लाइट AI-2379 हादसा: AAIB की शुरुआती जांच रिपोर्ट और एयर इंडिया का आधिकारिक बयान
नई दिल्ली (जागरूक पंजाब न्यूज नेटवर्क) : 4 अगस्त 2026 को फुकेत (थाइलैंड) से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2379 (एयरबस A320neo) में हवा में हुए गंभीर हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने अपनी शुरुआती (Preliminary) जांच रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट आने के तुरंत बाद एयर इंडिया ने सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्य पायलट को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुख्य तथ्य:
तकनीकी खराबी (हाइड्रोलिक फेलियर): 4 अगस्त को सुबह 9:32 बजे (आईएसटी) जब विमान 36,000 फीट की ऊंचाई (FL360) पर उड़ान भर रहा था, तब लगातार तीनों प्राथमिक हाइड्रोलिक सिस्टम (ग्रीन, ब्लू और येलो) फेल हो गए। इसके कारण ऑटोपायलट बंद हो गया और स्टॉल चेतावनी ट्रिगर हुई।
ऊंचाई में अचानक बदलाव: विमान ने पहले 372 फीट की बढ़त ली और फिर तेजी से 292 फीट नीचे गिर गया। इस झटके (Negative G-force) के कारण 20 यात्री और 4 केबिन क्रू घायल हो गए तथा केबिन को नुकसान पहुंचा।
पायलट का डोप टेस्ट: लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों का अल्कोहल टेस्ट नेगेटिव रहा। हालांकि, साइकोएक्टिव सब्सटेंस (गांजा/Marijuana) की शुरुआती जांच में पायलट-इन-कमांड का परिणाम ‘Non-Negative’ आया। इसके बाद की गई पैथोलॉजिकल लैब (ब्लड टेस्ट) रिपोर्ट में मुख्य पायलट के शरीर में गांजे/थ्रो टीएचसी मेटाबोलाइट्स की पुष्टि हुई। सह-पायलट (Co-pilot) का टेस्ट पूरी तरह क्लियर निकला।
एयर इंडिया का आधिकारिक बयान व कार्रवाई:
4 सितंबर 2026 को AAIB रिपोर्ट आने के बाद एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा:
“यात्रियों की सुरक्षा एयर इंडिया की सर्वोच्च प्राथमिकता है। फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड साइकोएक्टिव सब्सटेंस के टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। सुरक्षा और नियामक नियमों के उल्लंघन पर हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत संबंधित पायलट की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।”
(नोट: AAIB ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी खराबी (हाइड्रोलिक फेलियर) और पायलट के ड्रग्स सेवन के बीच सीधे संबंध पर विस्तृत जांच जारी है।)






