बठिंडा में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे शिक्षकों का प्रदर्शन; नौकरी बचाने और 1158 भर्ती को लेकर लंबे समय से चल रहा है विवाद
जालंधर/बठिंडा (जागरूक पंजाब न्यूज नेटवर्क) : टीचर्स डे के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के बठिंडा कार्यक्रम के बाहर 1158 असिस्टेंट प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। परगट सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से अपनी नौकरी के मुद्दे पर सवाल करने पहुंचे प्रोफेसरों को कार्यक्रम के बाहर गिरफ्तार किया गया और इसे आम आदमी पार्टी की ‘सिख्या क्रांति’ पर सवाल बताया।
हालांकि प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा रोके जाने और हिरासत में लिए जाने की पुष्टि हुई है। एक पंजाबी अखबार की 5 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार 1158 असिस्टेंट प्रोफेसर एवं लाइब्रेरियन फ्रंट समेत विभिन्न संगठनों के नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन बठिंडा बस स्टैंड के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एक अन्य अखबार के अनुसार 5 सितंबर को बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान 1158 असिस्टेंट प्रोफेसर एवं लाइब्रेरियन फ्रंट समेत विभिन्न संगठनों के प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल के पास पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने हनुमान चौक के पास हल्का बल प्रयोग किया।
क्या है 1158 प्रोफेसरों का मामला?
पंजाब सरकार के आधिकारिक भर्ती पोर्टल के मुताबिक 2021 में सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। पोर्टल पर विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए विज्ञापन, लिखित परीक्षा के परिणाम और काउंसलिंग से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। इस भर्ती को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। 14 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने 1,158 असिस्टेंट प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की नियुक्तियां रद्द कर दी थीं और नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था। इसके बाद पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आदेश में संशोधन की मांग करते हुए इन शिक्षकों को नई भर्ती होने तक काम जारी रखने की अनुमति देने की मांग की थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त 2025 को 900 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों को नई भर्ती होने तक सरकारी कॉलेजों में पढ़ाने की अनुमति दी थी।
इस बीच 1158 फ्रंट लगातार नौकरी की सुरक्षा और भर्ती को बचाने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहा है। अगस्त 2026 में फ्रंट ने मुख्यमंत्री के साथ बैठक और 1,158 शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित करने के लिए विशेष कानून की मांग भी उठाई थी।






