रामा मंडी में बरामद पनीर आदमपुर व होशियापुर में और गोल्डन एवेन्यू से जब्त पनीर शहर में होना था सप्लाई
दो गाड़ियों से 1.50 और 2.50 क्विंटल माल पकड़ा; सैंपल जांच के लिए भेजे
जालंधर (मनदीप शर्मा, जागरूक पंजाब) : शहर में होटल, ढाबों और रेस्टोरेंटों में सप्लाई होने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर सेहत विभाग ने शुक्रवार तड़के बड़ी कार्रवाई की। फूड सेफ्टी टीम ने रामा मंडी और गोल्डन एवेन्यू में कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग जगहों से कुल करीब 4 क्विंटल संदिग्ध पनीर जब्त किया। दोनों जगहों से पनीर के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। विभाग के मुताबिक लैब रिपोर्ट आने के बाद ही पनीर की वास्तविक गुणवत्ता और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
असिस्टेंट कमिश्नर फूड सेफ्टी जालंधर रजिंदर पाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार तड़के अभियान के दौरान रामा मंडी में एक गाड़ी को पकड़ा गया। इसमें करीब 1.50 क्विंटल पनीर था। यह माल आदमपुर और होशियारपुर की दुकानों में सप्लाई किया जाना था। विभाग के अनुसार पनीर बठिंडा से करीब 240 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया था। पनीर जब्त कर इसके सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए।
इसके बाद टीम को सूचना मिली कि गोल्डन एवेन्यू में एक घर के बाहर बड़ी मात्रा में पनीर की डिलीवरी की जा रही है। सूचना पर टीम तुरंत मौके पर पहुंची और करीब 2.50 क्विंटल पनीर जब्त कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक यह माल ढाबों और रेस्टोरेंटों में सप्लाई होना था। इस पनीर के भी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
पनीर में मिलावट कैसे होती है?
सस्ते दाम में पनीर तैयार करने या उसका वजन/बनावट बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरह की मिलावट की आशंका रहती है। मिलावट के मामलों में स्टार्च, गैर-डेयरी वसा/वनस्पति वसा, घटिया दूध या दूध से जुड़े अवयवों का गलत इस्तेमाल सामने आ सकता है। कुछ मामलों में सिंथेटिक दूध तैयार करने के लिए डिटर्जेंट, यूरिया आदि जैसे असुरक्षित पदार्थों के इस्तेमाल की भी खबरें सामने आती रही हैं। हालांकि किसी खास पनीर में कौन-सा पदार्थ मिला है, यह केवल वैज्ञानिक जांच से ही निश्चित किया जा सकता है।
ऐसे मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थ का सेवन करने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। यदि खाद्य पदार्थ में कोई हानिकारक रसायन या असुरक्षित पदार्थ मौजूद हो तो स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव भी पड़ सकते हैं। इसलिए केवल रंग, स्वाद या कीमत देखकर पनीर को सुरक्षित मानना उचित नहीं है।
घर पर कैसे पहचानें पनीर की गुणवत्ता?
घर पर किए जाने वाले परीक्षण केवल प्रारंभिक संकेत दे सकते हैं, इन्हें लैब टेस्ट का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। पनीर खरीदते समय उसकी गंध, रंग, बनावट और पैकेट पर दी गई जानकारी जरूर देखें। बहुत असामान्य गंध, अत्यधिक चिकनापन, असामान्य रंग या खराब पैकेजिंग मिलने पर उसे खरीदने से बचें।
FSSAI के ‘Eat Right’ संसाधनों में कुछ खाद्य पदार्थों की मिलावट पहचानने के घरेलू परीक्षण बताए गए हैं, लेकिन किसी खाद्य पदार्थ की सुरक्षा की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच से ही होती है।
घटिया पनीर की शिकायत कहां करें?
अगर किसी दुकान, ढाबे, रेस्टोरेंट या बाजार से खरीदे गए पनीर की गुणवत्ता पर शक है तो उपभोक्ता FSSAI के Food Safety Connect पोर्टल/ऐप पर शिकायत कर सकता है। शिकायत दर्ज होने के बाद यूनिक नंबर मिलता है, जिससे उसकी स्थिति ट्रैक की जा सकती है। शिकायत संबंधित राज्य के अधिकारियों/फूड सेफ्टी ऑफिसर तक भी भेजी जा सकती है।
FSSAI हेल्पलाइन: 1800-11-2100
समय: सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक
शिकायत करते समय दुकान/रेस्टोरेंट का नाम, स्थान, खरीद की तारीख, बिल/पैकेट की फोटो और उपलब्ध हो तो बैच या लाइसेंस नंबर देना उपयोगी रहेगा।
रजिंदर पाल सिंह के मुताबिक दोनों जगहों से लिए गए सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट रविवार रात तक आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






