कारोबारियों-दुकानदारों को झेलनी पड़ी परेशानी…
जालंधर (जागरूक पंजाब) : कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर आज 21 अगस्त को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक पंजाब बंद रखा गया है। बंद का असर प्रदेश के कई जिलों में दिखाई दे रहा है। प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है, जबकि बस सेवा प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, रेल यातायात फिलहाल सामान्य है और ट्रेनों की आवाजाही पर बंद का कोई खास असर नहीं दिखा।
कौमी इंसाफ मोर्चा के लोग जालंधर में दुकानें बंद करने की अपील कर रहे हैं। लाऊड स्पीकर पर अपील की गई कि सभी लोग बहरी हो चुकी सरकारों के खिलाफ बंद का समर्थन करें ताकि अपनी सजा पूरी कर चुके बंदी सिंखों को छुड़वाया जा सके।
खरड़-चंडीगढ़ हाईवे को प्रदर्शनकारियों ने जाम कर दिया है। प्रदर्शनकारी केवल इमरजेंसी वाहनों को आगे जाने की अनुमति दे रहे हैं। ड्यूटी पर जा रहे एक व्यक्ति की प्रदर्शनकारियों से बहस भी हो गई। वहीं, हिमाचल प्रदेश की ओर से आने वाली बसों को खरड़ में रोक दिया गया है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।
बसों के पहिए थमे, जालंधर बस स्टैंड पर यात्री परेशान
जालंधर में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। बस सेवा प्रभावित होने के कारण जालंधर बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं। कई लोग बसों के दोबारा चलने का इंतजार कर रहे हैं। शहर के ज्योति चौक में अधिकांश दुकानें बंद नजर आईं। वहीं लाडोवाली रोड और आसपास के इलाकों में दूध व बेकरी उत्पादों की कुछ दुकानें खुली रहीं। रेलवे रोड पर भी कई दुकानें सामान्य रूप से खुली मिलीं। पंजाब बंद के बावजूद जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन पर यात्री सामान्य रूप से पहुंच रहे हैं। ट्रेनों की आवाजाही भी फिलहाल सामान्य है। स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड पर किसी ट्रेन के रद्द या री-शेड्यूल होने की सूचना नहीं दी गई है। रेलवे यातायात पर अभी तक बंद का कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। बंद की आशंका के चलते जालंधर के चौगिट्टी इलाके में सुबह पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ भी देखने को मिली। लोग अपने वाहनों में पेट्रोल-डीजल भरवाते नजर आए। जालंधर की सब्जी मंडी में पंजाब बंद का खास असर दिखाई नहीं दिया। यहां रोजमर्रा की तरह गतिविधियां जारी रहीं और लोग खरीदारी करते नजर आए।
सिख बंदियों की रिहाई और जगतार हवारा की पैरोल की मांग
कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से यह बंद सजा पूरी होने के बावजूद जेलों में बंद सिखों की रिहाई की मांग को लेकर किया गया है। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में दोषी जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग भी प्रमुख मुद्दा है।
फिलहाल पंजाब के अलग-अलग जिलों में बंद का असर अलग-अलग नजर आ रहा है। कहीं बाजार पूरी तरह बंद हैं तो कहीं सामान्य कारोबार जारी है। दोपहर 2 बजे तक बंद के दौरान स्थिति पर प्रशासन और पुलिस की नजर बनी हुई है।




