जालंधर, 18 जुलाई (जागरूक पंजाब): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जालंधर आगमन के ठीक अगले ही दिन पंजाब भाजपा संगठन में एक बहुत बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब ने जमीनी स्तर और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 16 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्षों (प्रधानों) को बदल दिया है। जालंधर से मौजूदा जिला अध्यक्ष सुशील शर्मा को हटाकर उनकी जगह शहर के तेज-तर्रार और युवा नेता एडवोकेट अशोक सरीन हिक्की को जालंधर शहरी भाजपा की कमान सौंपी गई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की सहमति से प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने जारी की सूची
भाजपा पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शनिवार को पार्टी की इस नई सांगठनिक टीम का औपचारिक ऐलान किया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अंतिम हरी झंडी और सहमति के बाद जारी किया गया है। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को नया रूप देते हुए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि भाजपा पंजाब में बूथ स्तर तक खुद को सशक्त बना रही है। हमारा मुख्य लक्ष्य केंद्र की मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को हर घर तक पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नवनियुक्त जिला अध्यक्ष अपने अनुभव और क्षमता के बल पर पंजाब में पार्टी का ग्राफ बढ़ाएंगे।
16 जिलों के नवनियुक्त भाजपा अध्यक्षों की पूरी सूची:
जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, पंजाब के विभिन्न जिलों की कमान निम्नलिखित नेताओं को सौंपी गई है:
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जालंधर शहरी: एडवोकेट अशोक सरीन हिक्की
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जालंधर ग्रामीण नॉर्थ: मनमीत सिंह विक्की
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जालंधर ग्रामीण साउथ: जगबीर सिंह बराड़
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अमृतसर ग्रामीण-2 (मजीठा): कंवर बीर सिंह
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अमृतसर शहरी: सलील कपूर
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बरनाला: नरेंद्र गर्ग नीटा
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फरीदकोट: गौरव कक्कड़
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फाजिल्का: सुखविंदर सिंह काका कंबोज
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होशियारपुर ग्रामीण: योगेश सपरा
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होशियारपुर शहरी: सतीश ठाकुर बावा
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कपूरथला: चेतन सूरी
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लुधियाना शहरी: सुनील मौदगिल
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श्री मुक्तसर साहिब: सतीश असीजा
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रूपनगर (रोपड़): अजय वीर सिंह लालपुरा
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संगरूर-1: मतिंदर सिंह
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तरनतारन: सतनाम सिंह भुल्लर
नॉलेज बॉक्स: भाजपा के संगठनात्मक जिले क्या होते हैं?
प्रशासनिक बनाम सांगठनिक जिला: आम तौर पर राज्य में प्रशासनिक जिले (जैसे जालंधर या अमृतसर) एक ही होते हैं। लेकिन राजनीतिक दल, विशेषकर भाजपा, संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक प्रशासनिक जिले को 2 या 3 ‘संगठनात्मक जिलों’ (जैसे जालंधर शहरी, जालंधर ग्रामीण नॉर्थ, जालंधर ग्रामीण साउथ) में बांट देती है।
बूथ स्तर का महत्व: जिला अध्यक्ष का मुख्य काम अपनी टेरिटरी के तहत आने वाले सभी विधानसभा क्षेत्रों में ‘बूथ कमेटियों’ और ‘पन्ना प्रमुखों’ की नियुक्ति करना होता है, जो चुनाव जिताने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।

