
जालंधर (जागरूक पंजाब) : पिछले दो दिनों से शहर के राजनीतिक गलियारों में जिस ‘बड़े धमाके’ की चर्चा जोरों पर थी, उस पर मंगलवार को आखिरकार विराम लग गया। वर्कशॉप चौक से लेकर वेस्ट हलके के नेताओं के नाम को लेकर चल रही तरह-तरह की अटकलों के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस को एक झटका दिया है। पूर्व पार्षद दिवंगत विक्की कालिया के बेटे और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता अंशुमन कालिया आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं। पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा की अगुवाई में जालंधर के मेयर वनीत धीर और अन्य नेताओं की मौजूदगी में अंशुमन कालिया को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के केंद्र में दो बड़े नाम- कांग्रेस विधायक बावा हैनरी और आप के पूर्व हलका इंचार्ज दिनेश ढल्ल प्रमुखता से उभरकर सामने आ रहे हैं। इस एक बदलाव ने नॉर्थ हलके में सुगबुगाहट शुरू कर दी है।
बावा हैनरी के ‘वफादार’ खेमे में सेंध
जालंधर नॉर्थ में कांग्रेस के विधायक बावा हैनरी के लिए यह बड़ा झटके की शरुआत मानी जा रही है। दिवंगत विक्की कालिया का परिवार लंबे समय से बावा हैनरी और उनके परिवार का बेहद करीबी व वफादार माना जाता रहा है। नॉर्थ हलके में कालिया परिवार का अपना एक मजबूत जनाधार और युवाओं के बीच अच्छी पकड़ रही है। मंगलवार को आम आदमी पार्टी जॉइन करने के बाद अंशुमन ने बताया कि वे विधायक बावा हैनरी से नाराज थे। उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी।
चुनावों से ठीक पहले बावा हैनरी के इस भरोसेमंद किले में मेयर वनीत धीर ने सीधे तौर पर सेंध लगा दी है। अंशुमन कालिया का ‘आप’ में जाना यह साफ दर्शाता है कि बावा हैनरी के कैडर में अब असंतोष और बिखराव की स्थिति बनने लगी है। नॉर्थ हलके में कांग्रेस का जो पारंपरिक वोट बैंक बावा हैनरी के साथ मजबूती से खड़ा रहता था, उसमें अब सीधे तौर पर खाद-पानी कम होता दिख रहा है।
दिनेश ढल्ल के हटने के बाद तेजी से बदले समीकरण
दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे आम आदमी पार्टी के भीतर हुआ हालिया संगठनात्मक बदलाव भी सबसे बड़ा कारण है। आप नेतृत्व द्वारा दिनेश ढल्ल को हलका इंचार्ज के पद से हटाए जाने के बाद जालंधर नॉर्थ की राजनीति में एक बड़ा खालीपन आ गया था। दिनेश ढल्ल के कार्यकाल के दौरान पार्टी जिस सुस्ती और गुटबाजी से जूझ रही थी, उसमें वनीत धीर को नॉर्थ की कमान (इंचार्ज) मिलते ही नया जीवन आ गया है।
दिनेश ढल्ल को किनारे किए जाने के बाद मेयर वनीत धीर ने बिना समय गंवाए कमान संभाली और लगातार हलके के लोगों, समाजसेवियों और असंतुष्ट नेताओं से मुलाकातें शुरू कर दीं। ढल्ल के समय जो पार्टी केवल बैठकों तक सीमित थी, वनीत धीर ने मैदान में उतरकर सीधे बावा हैनरी के मजबूत सहयोगियों को तोड़ना शुरू कर दिया है।
आगामी चुनावों पर पड़ेगा गहरा असर
वरिष्ठ नेता अमन अरोड़ा और मेयर वनीत धीर की मौजूदगी में हुए इस प्रवेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘आप’ अब जालंधर नॉर्थ में रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक राजनीति के मूड में है। दिनेश ढल्ल के दौर को पीछे छोड़ते हुए मेयर धीर ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले चुनावों में बावा हैनरी के लिए दिक्कतें बढ़ाएंगे।
एक वर्कर ही आप में गया है, उसके बड़े बुजुर्ग अब भी कांग्रेसी : बावा हैनरी
इस संबंध में विधायक बावा हैनरी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अंशुमन कालिया का कद इतना नहीं कि कांग्रेस को फर्क पड़े। अंशुमन के दादा-दादी अब भी कांग्रेसी ही हैं। उन्हें अंशुमन के आप में जाने का कोई फर्क नहीं पड़ता।



