वरिष्ठ नेता ने संगठन, कानून-व्यवस्था और विपक्ष की भूमिका पर दिए बयान; कांग्रेस के भीतर समन्वय पर भी जताई राय
जालंधर : पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में पार्टी की कार्यशैली, संगठनात्मक समन्वय और राज्य के विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पार्टी को मजबूत करने के लिए सभी नेताओं के बीच संवाद और सामंजस्य जरूरी है। रंधावा ने प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलने की आवश्यकता बताई।
साक्षात्कार में उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था, सीमा सुरक्षा, नशा और गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। रंधावा ने कहा कि इन विषयों पर उन्होंने पहले भी केंद्र सरकार के समक्ष अपनी बात रखी है। कादियां की हालिया घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्षी नेताओं के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। साथ ही बेअदबी मामलों, फिल्म ‘पंजाब ’95’ और पंजाब के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। उनके इन बयानों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।
रंधावा की प्रमुख बातें
- कांग्रेस में संवाद और सामूहिक नेतृत्व पर जोर।
- कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा पर चिंता जताई।
- संगठन में वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलने की बात कही।
आगे किस पर रहेगी नजर?
- कांग्रेस नेतृत्व की आधिकारिक प्रतिक्रिया।
- पार्टी के भीतर समन्वय को लेकर संभावित कदम।
- राज्य के कानून-व्यवस्था और राजनीतिक मुद्दों पर आगे की स्थिति।

