मान सरकार के खिलाफ की नारेबाजी; सेवाएं प्रभावित, 2 सितंबर को होगी अहम बैठक

जालंधर ( जागरूक पंजाब): स्वास्थ्य विभाग में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत पिछले 15-20 वर्षों से अनुबंध पर काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों ने अपनी जायज मांगों को लेकर 13 अगस्त 2026 से जारी विरोध प्रदर्शन के तहत बुधवार को जोरदार रोष मार्च निकाला। आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए एनएचएम कर्मचारियों ने पहले सिविल सर्जन दफ्तर पर धरना देकर नारेबाजी की और इसके बाद डॉ. पंखुड़ी की अगुवाई में प्रेस क्लब तक प्रदर्शन किया। इस दौरान आम आदमी क्लीनिक सांझा फ्रंट के कर्मचारी भी मौजूद रहे।
कर्मचारियों ने पंजाब सरकार से कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान, वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। यूनियनों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, यह हड़ताल जारी रहेगी।
प्रमुख उपस्थित सदस्य
प्रदर्शन के दौरान जिला प्रोग्राम मैनेजर डॉ. सुखविंदर कौर, डॉ. सुमीत कपाही, सीएचओ सुखप्रीत कौर, डॉ. योगेश सचदेवा, परमवीर झमट, डॉ. पंकज, डॉ. गौरव और डॉ. सिलवरी विशेष रूप से मौजूद रहे।
मांगें पूरी न होने पर चुनाव में जवाब देने की चेतावनी
पंजाब सरकार द्वारा ढुलमुल नीति अपनाने के कारण पूरे पंजाब के एनएचएम कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने के लिए सीधे तौर पर पंजाब सरकार जिम्मेदार है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें:
- समान काम, समान वेतन
- ग्रेच्युटी का लाभ
- उम्र सीमा में वृद्धि
यूनियन के मुख्य प्रवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल नहीं किया, तो सरकार का हर मोड़ पर घेराव किया जाएगा और आगामी विधानसभा चुनावों में इसका करारा जवाब दिया जाएगा।
2 सितंबर को बैठक का समय
पंजाब सरकार की ओर से 2 सितंबर को यूनियन के मुख्य प्रवक्ताओं के साथ बैठक का समय दिया गया है। प्रदर्शन में जिले के समस्त एनएचएम कर्मचारी और आम आदमी क्लीनिकों के कर्मचारी उपस्थित रहे।





